पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के बस्सी पठाना में बुधवार शाम एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एटीजीएफ) और गैंगस्टरों के बीच हुई मुठभेड़ में पुलिस ने फिल्लौर शूटआउट के मास्टरमाइंड तजिंदर सिंह उर्फ तेजा समेत तीन गैंगस्टरों को मार गिराया है। दो अन्य की पहचान मनी राहो और मनप्रीत सिंह पीता के रूप में हुई। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि हमारे दो मुलाजिम भी घायल हुए हैं। एक पुलिस अधिकारी को गोली लगी है, जबकि दूसरे का पैर टूट गया है। पुलिस ने आरोपियों की गाड़ियों से छह पिस्तौल बरामद किए हैं।
पुलिस ने बुधवार को गैंगस्टर तेजा की लोकेशन ट्रेस कर ली थी। इसके बाद शाम करीब 5:10 बजे पुलिस ने ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस गैंगस्टरों का पीछा कर रही थी। जब गैंगस्टर अपनी थार गाड़ी से बस्सी पठाना के बाजार से गुजर रहे तो पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा। इस दौरान गैंगस्टरों ने पुलिस की गाड़ी को हिट किया। साथ ही पुलिस मुलाजिम पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की लेकिन खुद गिरता देख तजिंदर तेजा और उसके साथियों ने पुलिस पार्टी पर गोलियां बरसाना शुरू कर दीं।
पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। तजिंदर तेजा और उसका एक साथी मौके पर ही ढेर हो गया। जबकि तेजा का दूसरा साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने भी दम तोड़ दिया।
पांच मिनट चली मुठभेड़, दहशत
पुलिस व गैंगस्टरों के बीच करीब पांच मिनट मुठभेड़ चली। इस दौरान दोनों तरफ से गोलीबारी देख लोगों में दहशत फैल गई। मार्केट में भगदड़ मच गई। दुकानदारों ने अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए।
दो दिनों से पुलिस कर रही थी रेकी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पुलिस दो दिनों से उक्त गैंगस्टरों का तकनीकी मदद से रेकी कर रही थी। उनकी लोकेशन मोरिंडा व बस्सी पठाना आसपास मिल रही थी। जैसे ही यह लोग थार कार में सवार होकर निकले तो पुलिस ने उन्हें पहले रोका लेकिन आरोपियों ने उन पर फायरिंग कर दी थी। दोनों तरफ से फायरिंग हुई। सूत्रों के मुताबिक गैंगस्टरों की थार पर 12 के करीब गोलियों के निशान मिले है।
कांस्टेबल कुलदीप सिंह उर्फ कमल बाजवा।
तेजिंदर पर 38 केस दर्ज
एटीजीएफ के एडीजीपी प्रमोद बान ने बताया कि तजिंदर तेजा एक हिस्ट्रीशीटर था और राज्य भर में 38 से अधिक आपराधिक मामले उस पर दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि तेजा गुरप्रीत सेखों गिरोह से जुड़े एक स्वतंत्र गिरोह को भी संभाल रहा था। वह जालंधर और नवांशहर एरिया में काफी सक्रिय था।
आठ जनवरी को पुलिस मुलाजिम को किया था शहीद
बान ने बताया आठ जनवरी को कुछ गैंगस्टरों ने फगवाड़ा से गाड़ी छीनी थी। इसके बाद पुलिस उनका पीछा कर रही थी। फिल्लौर के पास पुलिस व गैंगस्टरों में मुठभेड़ हुई। इस दौरान एक पुलिस मुलाजिम कुलदीप सिंह बाजवा शहीद हो गए थे। हालांकि पंजाब पुलिस 14 जनवरी, 2023 को फिल्लौर गोलीकांड के मुख्य आरोपी युवराज सिंह उर्फ जोरा को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
इन अधिकारियों की अगुवाई में चला ऑपरेशन
ऑपरेशन में एडीजीपी प्रमोद बान के नेतृत्व में एजीटीएफ की टीम और एआईजी संदीप गोयल, डीएसपी बिक्रम बराड़, डीएसपी राजन परमिंदर और इंस्पेक्टर पुष्पिंदर सिंह ने आरोपी तेजा की लोकेशन ट्रेस कर ली थी और उस वाहन का पीछा कर रहे थे, जिसमें वह अपने साथियों के साथ यात्रा कर रहा था।
मारे गए सारे शातिर अपराधी
रवजोत गरेवाल ने कहा कि आम लोगों के सामने यह सारा मामला हुआ है। मौके पर सारे पुलिस अधिकारी मौजूद थे। हम केस में हर कानूनी पहलू पर विचार कर रहे है। सारे शातिर अपराधी हैं। इनके बारे में अलर्ट भी गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस गैंगस्टरों व नशा तस्करों के खिलाफ इसी तरह कार्रवाई करती रहेगी।