उसने बलदेव को नीचे उतरने से मना किया, लेकिन फिर भी वह नीचे उतर गए। उसके नीचे उतरते ही आरोपी इशू व पंकज ने उसे कहा कि ‘तू हमारी शराब की मुखबरी करता है। यह कहते ही आरोपियों ने उसका गला पकड़ घसीटते हुए ले गए। वह तुरंत नीचे आया और आरोपियों को रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने उसे भी बाइक पर बिठाकर अगवा करने का प्रयास किया। लेकिन उसने भाग कर जान बचाई। इसके बाद आरोपी ने उसे अगवा कर अपने घर ले गए। वहां आरोपियों ने उससे मारपीट की। इससे युवक मौत हो गई।
मेजर ने बताया कि अगवा करने के बाद आरोपी इशू अपने साथी पंकज के साथ बलदेव को कृष्णा कॉलोनी में अपने मकान पर ले गया। दोनों आरोपी बलदेव को सोफे पर लिटाया हुआ था और लात, घूसों और डंडों से उसकी पिटाई कर रहे थे। घर पर आरोपी इशू की दादी भी मौजूद थी। बलदेव उससे आरोपियों से बचाने की गुहार लगा रहे थे। उसने भी आरोपी की दादी से उसे छुड़ाने की गुहार लगाई। लेकिन उसकी कोई बात नहीं सुनी। जब आरोपियों ने उसे देखा तो वह वहां से अपनी जान बचाकर भाग निकला।
मेजर ने बताया कि दोनों युवकों ने बलदेव के साथ मारपीट कर उसे अधमरा कर दुकान पर ही फेंककर चले गए। लेकिन बाद में आरोपी उसे ट्रॉमा सेंटर लेकर गए। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित किया। जब डॉक्टरों ने बलदेव को मृत घोषित कर दिया तो दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
पांच हजार रुपये पुलिस को देने की बात कह रहे थे आरोपी
बताया जा रहा है कि इशू और पंकज शराब की तस्करी का काम करते हैं। प्रत्यक्षदर्शी मेजर ने बताया कि जब आरोपी बलदेव से मारपीट कर रहे थे तो वे बोल रहे थे कि ‘तूने हमारी शराब की मुखबिरी की है। तेरी वजह से पुलिस को पांच हजार रुपये देने पड़े’। बलदेव मुखबिरी करने की बात से मना कर रहा था और सुबह बैठकर बातचीत करने की बात कहीं, लेकिन आरोपी नहीं माने।
दुकान संचालक विशाल बक्शी की शिकायत पर आरोपी पंकज और इशू के खिलाफ अपहरण व हत्या का मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया गया है। दुकान पर हंगामा करने व पत्थर मारने की पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हुई है। - सुभाष बिश्नोई, एसएचओ, थाना फर्कपुर।