पत्थर घिसाई का काम करने वाला राम आशीष बाबा रामनाथ की सेवा किया करता था। जिसके चलते वह कई बार पीर मजार परिसर में ही बने कमरे में सो जाता था। वीरवार रात को भी राम आशीष बाबा रामनाथ के साथ सैयद पीर के परिसर में ही सो रहा था। शुक्रवार सुबह गोपालपुर मार्ग से लोग गुजरे तो उन्हें निर्माणाधीन नाले के पास खून पड़ा दिखाई दिया।
जब वह नाले के पास गए तो बाबा रामनाथ का शव नाले के अंदर पड़ा हुआ था। बाद में जब वह घटनास्थल से करीब आधा किलोमीटर दूर पीर स्थल प्रांगण में गए तो वहां पर भी काफी खून पड़ा मिला। वहां पर बाबा के सेवक राम आशीष का भी शव पड़ा था। दोनों की हत्या सिर व चेहरों पर चोट मारकर की गई थी। लोगों ने मामले से पुलिस को अवगत कराया।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया। राम आशीष के बेटे सुंदरम की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस हत्या के कारणों का पता लगा रही है।
पुलिस जांच में लूट का अंदेशा भी सामने नहीं आया है। पुलिस ने मौके पर दान पत्र वहीं रखा मिला है। साथ ही बाबा के पास 200 रुपये व मोबाइल फोन भी मिला है। हालांकि एक दिन पहले मजार पर आए एक अन्य बाबा के बारे में कोई सुराग नहीं है। पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटा रही है। माना जा रहा है कि गायब बाबा दोहरे हत्याकांड का राज खोल सकता है।
बाबा व उसके सेवक की हत्या की सूचना मिली थी। मौके से जाकर शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। मृतक के बेटे की शिकायत पर मामला दर्ज कर हर पहलू पर जांच की जा रही है। मामले के खुलासे के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। एफएसएल टीम के साथ ही डॉग स्क्वॉयड को भी बुलाकर जांच की गई है। -हरेंद्र कुमार, डीएसपी।