एसएसपी के अनुसार आरोपियों ने मेरठ, ऊधमसिंह नगर, रुड़की, बरेली, हरिद्वार, मुरादाबाद, देहरादून में कई वारदात की। बेटे ने पुलिस की वर्दी में वारदात करने का आइडिया सुझाया था। इसके बाद पिता दरोगा और बेटा सिपाही बनकर ठगी करते आ रहे थे।
सराफा बाजार तक सक्रिय ठगों का नेटवर्क
एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह ने अपना नेटवर्क पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सराफा बाजारों में फैलाया हुआ है। वहां काम करने वाले लोग ही इनके गिरोह के सदस्य हैं। वही इनको सूचनाएं देते हैं। जिस भी सराफा कारोबारी से ठगी की वारदात अंजाम देनी होती थी, उसका पूरा विवरण वही लोग उपलब्ध कराते थे। इन लोगों को चिह्नित कर लिया है। जल्द उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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इस तरह के कई और गैंग भी सक्रिय
एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह और सीओ दिनेश शुक्ला ने बताया कि इस तरह के कुछ और गैंग सक्रिय हैं जो सिर्फ सराफा कारोबारियों को निशाना बनाते हैं। पिछले दिनों उत्तराखंड के सराफा कारोबारी के बेटे से किस गिरोह ने ठगी की थी, इसका पता लगाया जा रहा है।
पिता-पुत्र ने करके दिखाई ठगी
खुलासे के दौरान पिता-पुत्र की कार्यशैली को लेकर हर कोई हैरानी जता रहा था। अफसरों से सवाल किए गए तो उन्होंने पिता-पुत्र पर ही पूरा मामला डाल दिया। एसएसपी ने पूछताछ की तो पिता-पुत्र ने घटनाओं का नाट्य रूपांतर वहीं पेश कर दिया। दोनों ने दिखाया कि वह किस तरह से भरे बाजार में सराफा कारोबारी को रोकते थे। किस तरह उसे डराकर विश्वास में लेते थे। फिर किस तरह उनका सामान ठगकर फरार हो जाते थे। हालांकि इस दौरान कई सवाल ऐसे भी रहे, जिनके जवाब दोनों पिता-पुत्र ही नहीं बल्कि पुलिस अफसर भी नहीं दे सके।
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