दो हजार रुपये लेकर फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने के आरोप में पुलिस ने डायग्नोस्टिक सेंटर के मालिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस ने दो दिन के रिमांड पर ले लिया है।
आरोपी डड्डूमाजरा निवासी सुनील कुमार सेक्टर-45 में एएलपीएस नाम का डायग्नोस्टिक सेंटर चलाता है। सेक्टर-34 पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ डायरेक्टर हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की ओर से शिकायत दी गई थी। पुलिस ने आरोपी के सेंटर का रिकार्ड, कंप्यूटर, सर्टिफिकेट जारी करने के लिए प्रयोग की जाने वाली स्टैंप कब्जे में ले ली है।
विदेश जाने के के लिए बनवाया सर्टिफिकेट
पुलिस जांच में सामने आया कि सुनील ने 2015 में कजहेड़ी निवासी पवन कुमार को मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया था। पवन ने यह सर्टिफिकेट दो हजार रुपये देकर लिया। पवन ने जब यह सर्टिफिकेट डॉक्टर को दिखाया तो उसे पता चला की यह फर्जी है। उसने इस बात की शिकायत डायरेक्टर हेल्थ एंड फेमिली वेलफेयर को दी। जांच के बाद पाया गया कि सुनील कुमार ने जालंधर से डिप्लोमा किया है और वह मेडिकल एग्जामिनेशन करने और मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने की योग्यता ही नहीं रखता है।
सके बाद डायरेक्टर हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की तरफ से शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामले में कानूनी राय लेने के बाद सुनील के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे वीरवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पता लगाएगी कि उसने और कितने लोगों को अब तक जाली सर्टिफिकेट जारी किए हैं।