फिरोजपुर रेंज के डीआईजी हरदयाल सिंह मान व एसएसपी दीपक हिलोरी ने बताया कि लूटपाट की वारदात को अंजाम देने वालों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई। इस वारदात की आधुनिक तरीके से जांच की गई। तफ्तीश के दौरान पुलिस का शक आरोपी डॉ. परमजीत सिंह पर गया और उसे काबू कर पूछताछ शुरू की तो इससे पुलिस को बैंक की लूटी हुई 45 लाख रुपये की नकदी, लाइसेंसी 32 बोर की रिवाल्वर व कारतूस बरामद हुए।
पूछताछ के दौरान परमजीत ने बताया कि वारदात में बैंक का डिप्टी मैनेजर गुरप्रताप सिंह भी शामिल है। लूट की साजिश गुरप्रताप ने ही रची थी। पुलिस ने गुरप्रताप को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों ने बताया कि उनका तीसरा साथी गुरप्रीत सिंह है। डॉ. परमजीत और गुरप्रीत दोनों गुरप्रताप के दोस्त हैं और एक ही स्कूल में पढ़े हैं।
सभी एक-दूसरे को पिछले 20 साल से जानते हैं। पुलिस के मुताबिक गुरप्रताप हमेशा बैंक के लिए मुक्तसर से कैश लेकर आता था। इसीलिए तीनों आरोपियों ने बैंक की नकदी लूटने की योजना बनाई थी। परमजीत पर वर्ष 2017 में थाना सदर जलालाबाद में एनडीपीएस का मामला दर्ज है, जबकि गुरप्रीत पर ब्यास (अमृतसर) थाना में किसी मामले में केस दर्ज है। एसएसपी ने कहा कि गुरप्रीत फरार है, उसकी तलाश की जा रही है।