रेलवे स्टेशन के टिकट बुकिंग काउंटर के पास एस्केलेटर के बिल्कुल नीचे रविवार को देर रात एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके बाद रातभर शव पड़ा रहा। सोमवार को भी दोपहर बाद लगभग साढ़े तीन बजे जीआरपी ने शव उठाया।
हैरत की बात है कि अमर उजाला के संवाददाता ने जीआरपी थाने के लैंडलाइन नंबर पर जब कॉल कर बॉडी पड़ी होने की दी गई तो कॉल अटेंड करने वाले पुलिस मुलाजिम ने कहा कि उन्हें इस घटना की सूचना अभी किसी यात्री ने दी है। सवाल यह है कि टिकट बुकिंग काउंटर और आरपीएफ ऑफिस से महज पांच कदम की दूरी पर 12 घंटे तक शव पड़ा रहा और जीआरपी को खबर तक नहीं हुई। सवाल ये है कि क्या ड्यूटी के समय जीआरपी के मुलाजिम चंडीगढ़ स्टेशन पर तैनात नहीं होते।
शव की शिनाख्त नहीं
केस के आईओ एएसआई कश्मीरा सिंह ने बताया कि शव की पहचान नहीं हो पाई है। लेकिन उसकी शर्ट पर चंडीगढ़ एजुकेशन डिपार्टमेंट लिखा था। शव की शिनाख्त के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।
लोगों ने कॉल की तो चार घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस
12 घंटे रेलवे स्टेशन पर पड़ा रहा शव
- फोटो : अमर उजाला
जीआरपी ड्यूटी पर नहीं तो कहां होती है
रेलवे स्टेशन पर चंडीगढ़ और पंचकूला साइड जीआरपी दिन में ड्यूटी पर तैनाती नहीं होती। इसका खुलासा अमर उजाला के रिएलिटी चेक में हुआ है। अमर उजाला ने सोमवार को दिन में करीब डेढ़ से तीन बजे तक स्टेशन का रिएलिटी चेक किया। इस दौरान चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के सभी प्लेटफार्म, एंट्रेंस गेट, पुलिस बीट बॉक्स, ऑटो प्रीपेड बूथ पर एक भी जीआरपी के मुलाजिम तैनात नहीं थे।
सीसीटीवी कैमरे भी नहीं
जहां पर युवक की मौत हुई है, वहां पर सीसीटीवी कैमरा तक नहीं लगा पाया गया। जबकि यह एरिया चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन स्थित टिकट बुकिंग काउंटर के बिल्कुल पास है। यहां पर टिकट वेडिंग मशीन भी लगी है। जहां से रोजाना यात्री टिकट भी लेते हैं। यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर यहां पर सीसीटीवी कैमरा होना चाहिए।