परिवार का कहना है कि सुबह काम पर जाने के लिए वह निकली और दोपहर में घर का सामान देकर वापस काम पर चली गई, उस समय तक सब कुछ ठीक था। अचानक शाम करीब छह बजे परिवार को पता चला कि लड़की की मौत हो चुकी है। जब परिवार घटनास्थल पर पहुंचा तो मालिकों ने बताया गया कि लड़की ने आत्महत्या कर ली है।
मौत की सूचना मिलते ही उसके आस पड़ोस के लोग भी पहुंचे। परिवार ने आरोप लगाया कि बेटी का पैर सिर्फ चार इंच ऊपर है, अगर वह पैर का अंगूठा भी नीचे लगा दे तो पैर जमीन से छूता है। यह आत्महत्या नहीं है, बल्कि बेटी के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की गई है। परिवार का आरोप है कि मालिकों के साथ मिलकर पुलिस भी उन्हें गुमराह कर रही है।
जब परिवार ने अंदर जाने की कोशिश की तो उन्हें धक्का दिया गया और वहां से जाने को कहा गया, जिससे लोग गुस्सा हो गए और पुलिस का विरोध जताया। किसी तरह पुलिस ने हालात पर काबू पाने की कोशिश की तो परिवार ने मालिक के घर पर पथराव कर दिया और तोड़फोड़ की। पुलिस ने हालात को काबू करने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया। इसके बाद वहां से लोग इधर-उधर हो गए और पुलिस जांच के बाद शव कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल रवाना हो गई।
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
इस मामले में एसीपी सिविल लाइन हरीश ने बताया कि प्राथमिक जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। बाकी परिवार ने संगीन आरोप भी लगाए हैं। जिसके बारे में जांच की जा रही है। परिवार को समझाया जा रहा था कि पुलिस मामले में निष्पक्ष जांच करेगी और जो सच्चाई होगी उसे सामने लाया जाएगा। मगर कुछ शरारती लोगों ने माहौल खराब करने की कोशिश की है, इस कारण पुलिस को उन्हें वहां से भगाना पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद जो रिपोर्ट आएगी, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।