वकील अरविंद यादव ने बताया कि आरोपी मनीष, निशु व मनीष पर आईपीसी की धाराओं 376डी (सामूहिक दुष्कर्म), 365 (अगवा करने), 328 (जबरन नशीली चीज देना) व 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप तय हुआ है। मंजीत व अभिषेक पर 216 (पनाह देना) व निक्कू उर्फ नवीन पर 202 (बताना नहीं), दीनदयाल व डॉ. संजीव पर 118 यानि जानकारी होने के बाद भी पुलिस को सूचना न देने का आरोप है।
बचाव पक्ष के वकील राकेश लांबा ने बताया कि उन्हें कोर्ट पर पूरा भरोसा है। कोर्ट में गवाह पेश करेंगे और ट्रायल को फेस करेंगे। सरकारी वकील जोगमणी ने कहा कि पुलिस द्वारा पेश चार्जशीट में लगे आरोपों को कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ आरोप माना है। इस मामले में अब पांच नवंबर से गवाही शुरू हो जाएगी। बता दें कि 12 सितंबर को, कनीना में रेवाड़ी की छात्रा से तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था।
एसआईटी ने आठ आरोपियों को अरेस्ट किया था। जिसमें मुख्य आरोपी निशु, पंकज फौजी व मनीष शामिल है। इसके अलावा दीनदयाल, डॉ. संजीव, निक्कू उर्फ नवीन, अभिषेक व मंजीत भी आरोपी है। इस मामले में फौजी नवीन, मंजीत व अभिषेक को जमानत मिल चुकी है। दीनदयाल व डॉ. संजीव पर आईपीसी की धारा 118 में आरोपी बनाया गया है। वकीलों का कहना था दोनों पर 118 के तहत मामला नहीं बनता लेकिन कोर्ट ने उसकी दलीलों को नहीं माना है।