कर्फ्यू के दौरान चंडीगढ़ में ऑनलाइन शराब ठग गिरोह सक्रिय हो गया है। व्यवसायी ने जब खुद को ठगा महसूस किया तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। लॉकडाउन में लोग घरों में कैद हैं। लोगों तक उनकी सुविधा के अनुसार सामान पहुंच नहीं पा रहा है। लेकिन सेक्टर 22 निवासी एक व्यवसायी से ठगों ने घर तक शराब की डिलीवरी देने के लिए 50 प्रतिशत रकम ले ली। बता दें कि 23 मार्च से कर्फ्यू लगा हुआ है, जिसके चलते शहर की सभी शराब की दुकानें बंद हैं।
ऑनलाइन ठगों ने इसका फायदा उठाते हुए सोशल मीडिया को आधार बनाया है। शराब के शौकीन लोगों को शराब डिलीवरी के नाम पर जाल बिछाकर फंसाया जा रहा है। इसमें शराब की कीमत का 50 प्रतिशत पहले व शेष रुपये डिलीवरी के बाद देने के लिए कहा जा रहा है। सेक्टर-22 निवासी राजीव (बदला हुआ नाम) का अपना व्यवसाय है। करीब तीन-चार दिन पहले उनके पास सोशल मीडिया से वायरल होते हुए एक मोबाइल नंबर आया। इसमें लिखा था कि इस नंबर पर कॉल करें और घर बैठे शराब मंगाएं।
व्यवसायी ने झांसे में आकर दिए गए मोबाइल नंबर पर रविवार शाम करीब पांच बजे कॉल कर शराब की डिमांड की। इस दौरान कॉलर ने उन्हें कहा कि 50 फ़ीसदी राशि एडवांस में जमा करनी होगी, जिसके बाद ही डिलीवरी ब्वॉय शराब देने आएगा। व्यवसायी ने कॉल किए गए नंबर पर एडवांस 50 प्रतिशत भुगतान कर दिया। व्यवसायी को मैसेज मिला कि 30 मिनट तक शराब की सप्लाई आप तक पहुंच जाएगी, लेकिन करीब एक घंटे के बाद भी शराब व्यवसायी तक नहीं पहुंची। इसके बाद व्यवसायी ने साइबर सेल में ठगी की सूचना दी। फिलहाल, साइबर सेल ठगों की खोज में लगी है।
ठेके और शराब की फ़ोटो भी भेजी
व्यवसायी ने शराब की कीमत पूछी तो ठग ने बताया कि एक पेटी की कीमत साढ़े पांच हजार और दो पेटी की कीमत 10 हजार रुपये है। काफी देर तक मोलभाव के बाद 8 हजार रुपये में दो पेटी का सौदा तय हुआ। व्यवसायी ने जैसे ही गूगल पे किया तो थोड़ी ही देर में मोबाइल पर ठेके और शराब की फोटो भी आ गई, लेकिन शराब व्यवसायी तक नहीं पहुंची।
नाके पर पुलिस खड़ी है और बिल नहीं है, पूरा पेमेंट करो
करीब शाम 6 बजे व्यवसायी को कॉल कर शख्स ने कहा कि डिलीवरी ब्वॉय रास्ते में हैं, महज 5 मिनट में आपके पास पहुंच जाएगा। थोड़ी देर में राजीव के पास डिलीवरी ब्वॉय का फोन आता है और बताता है कि सेक्टर 21 में नाका लगा हुआ है। उसके पास शराब का बिल नहीं है। जल्दी बाकी के 50 फ़ीसदी भी भुगतान कर दें ताकि अपने मालिक से शराब का बिल मंगवा संकू।
राजीव ने सूझबूझ का परिचय देते हुए डिलीवरी ब्वॉय को 2 पेटी के बदले एक ही पेटी शराब लाने को कहा, लेकिन डिलीवरी ब्वॉय ने राजीव से कहा कि एक पेटी की कीमत 5500 है। बाकी के 1500 मिलने के बाद ही डिलीवरी पहुंचाई जाएगी।
स्कैन कोड कर गूगल पे करें, पेमेंट वापस आ जाएगा
राजीव ठग को पूरी तरह समझ गए और ऑर्डर कैंसिल करने को कहा। तो ठग ने उनके नंबर पर एक आधार कार्ड, पैनकार्ड और एक स्कैन कोड भेजकर कहा कि गूगल पे से स्कैनिंग करें। उसके बाद आपके 4 हजार रुपये आपके खाते में वापस आ जाएंगे, लेकिन राजीव ने समझदारी दिखाते हुए स्कैनिंग नहीं की, तो शातिर गाली गलौज करने लगे और फोन काट दिया।
रिपोर्टर को बताया .. सेक्टर-22 के एक ठेके का मैनेजर
सच्चाई जानने के लिए जब अमर उजाला के रिपोर्टर ने उसी नंबर पर शातिर से बात की तो उसने खुद को सेक्टर-22 के एक ठेके का मैनेजर बताया। कहा कि मेरा नाम संजय सिंह है और मैं उत्तराखंड का रहने वाला हूं। अब विश्वास तो करना पड़ेगा। शातिर ने कहा कि व्हाट्सएप पर अपनी लोकेशन भेजो, 40 मिनट के अंदर शराब पहुंच जाएगी। साथ ही ब्रांड की भी गारंटी देने लगा। शातिर ने कहा कि वह कई अन्य लोगों को भी शराब सप्लाई कर चुका है।
रहें सतर्क, ऐसे नंबरों पर कॉल करने से बचें
शराब की ऑनलाइन डिलीवरी के फेसबुक या व्हाट्सएप पर कई मैसेज भेजे जा रहे हैं। शराब के शौकीन इन नंबरों पर कॉल कर डिलीवरी की फरमाइश करते हैं। ऐसे शातिर के झांसे में आकर रोजाना कई लोग ठगी के शिकार हो रहे हैं। हैरानी की बात है कि बदनामी की वजह से ज्यादातर लोग पुलिस को शिकायत देने में कतरा रहे हैं, जिसका शातिर फायदा उठा रहे हैं। लोगों को इस तरीके के नंबरों पर कॉल करने से बचना चाहिए।
असम व तमिलनाडु के हैं नंबर : डीएसपी
मोबाइल नंबर 7662071527 व 7094183618 से लोगों को ऑनलाइन शराब भेजने का मैसेज आ रहा है। साइबर सेल की डीएसपी रश्मि यादव ने बताया कि जांच में पता चला है कि दोनों नंबर तमिलनाडु व असम के हैं। दोनों नंबरों को ट्रेस किया जा रहा है। जल्द ही ठगों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रिपोर्टर और सप्लायर ठग के बीच बातचीत का ऑडियो
रिपोर्टर - यह नंबर किसी जानकार ने दिया था क्या आप शराब सप्लाई करते हैं।
जवाब - हां करता हूं, बोलिए।
रिपोर्टर -ऑनलाइन शराब की डिलीवरी चाहिए थी।
जवाब - मिल जाएगी, कौन सी चाहिए, आप ब्रांड बताओ
रिपोर्टर - मिलेगी कैसे जवाब - आपके एड्रेस पर पहुंच जाएगी।
रिपोर्टर - ओके, क्या पेमेंट डिलीवरी के वक्त करना होगा?
जवाब - नहीं, आपको 50 फीसदी ऑनलाइन जमा कराने होंगे। बाकी के पैसे, डिलीवरी के समय।
रिपोर्टर - मैं आप पर कैसे विश्वास कर सकता हूं?
जवाब - इतना तो विश्वास करना ही होगा, मेरा ठेका चंडीगढ़ सेक्टर 22 में है और मैं वहां का मैनेजर हूं।
रिपोर्टर- कोई पुलिस का तो पंगा नहीं होगा।
जवाब- कोई पंगा नहीं, हमारे पास सरकार की तरफ से परमिशन है, मेरा नाम संजय सिंह मैं उत्तराखंड का रहने वाला हूं।
रिपोर्टर- कितना समय लगेगा।
जवाब- आप व्हाट्सएप पर अपनी लोकेशन भेजो, 40 मिनट के अंदर शराब पहुंच जाएगी।
पहले भी मामले सामने आ चुके हैं, सोशल मीडिया पर कई नंबरों को ब्लॉक करवा कर छानबीन की जा रही है। जल्दी ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लॉकडाउन और कर्फ्यू के बीच किसी भी तरीके की शराब डिलीवरी का ऐसा कोई नियम नहीं है। किसी के झांसे में आकर ऐसे नंबरों पर कॉल करने से बचना चाहिए।
- रश्मि यादव, डीएसपी साइबर सेल