पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के परिवार के कारोबार को लेकर आपत्ति जताने वाला एक और पत्र प्राप्त हुआ है। आरोप है कि जब कोई सरकारी कर्मचारी कारोबार नहीं कर सकता तो बादल परिवार ट्रांसपोर्ट, रियल एस्टेट व केबल से जुड़ा इतना बड़ा कारोबार भला कैसे चला सकता है।
मांग है कि बादल परिवार के कारोबार की सीबीआई जांच होनी चाहिए। पत्र को गंभीरता से लेते हुए जस्टिस हेमंत गुप्ता की डिवीजन बेंच ने पंजाब सरकार, डीजीपी, स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के अलावा ऑर्बिट एविएशन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले की सुनवाई भी अब मोगा के ऑर्बिट बस केस की सुनवाई के साथ 30 जुलाई को ही होगी।
मोगा में ऑर्बिट बस में छेड़छाड़ के बाद लड़की को बस से बाहर धकेल दिया गया था। घटना में लड़की की मौत हो गई थी। इसी के बाद से बादल परिवार के कारोबार को लेकर लगातार उंगलियां उठ रही हैं।
गुमनाम पत्र में आरोप लगाया गया है कि बादल परिवार का ट्रांसपोर्ट का बड़ा कारोबार चल रहा है। इसके अलावा पंजाब में उनका रियल एस्टेट और केबल ऑपरेटर के तौर पर कारोबार भी फैला हुआ है। बादल परिवार ने ऐसे स्त्रोतों से बेहिसाब संपत्ति अर्जित की है। इस परिवार के पास कई बेनामी संपत्ति होने का भी आरोप पत्र में लगाया गया है। यह भी कहा गया है कि ऑर्बिट बसें जहां भी पार्क होती हैं, वहां पार्किंग फीस भी अदा नहीं की जाती।
पहले भी उठाए गए थे सवाल
अप्रैल में हुए ऑर्बिट बस कांड के बाद एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई के लिए हाईकोर्ट की ओर से दखल की मांग की थी। इस पर हाईकोर्ट ने स्वत:संज्ञान लिया था।