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लुधियानाः महिला बिल्डिंग इंस्पेक्टर को कालोनाइजर ने थप्पड़ मारे और कपड़े भी फाड़े, 8 पर केस

Fri, 26 Apr 2019 09:19 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
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महिला बिल्डिंग इंस्पेक्टर
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अवैध निर्माण गिरा कर वापस लौट रही महिला बिल्डिंग इंस्पेक्टर को कालोनाइजर ने थप्पड़ मारे और उसके कपड़े भी फाड़ दिए। गाड़ी को टक्कर मारकर पलटाने की कोशिश की। घटना पंजाब के लुधियाना की है। ताजपुर रोड स्थित राजन एस्टेट में अवैध निर्माण गिराया गया।
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इससे भड़के कालोनाइनजर ने महिला अफसर पर हमला कर दिया। उसने महिला अधिकारी की कार को टक्कर मार पलटाने की कोशिश भी की। गाड़ी रुकते ही महिला अधिकारी को बाहर निकाल सरेआम थप्पड़ मारे और गालियां देते हुए कपड़े फाड़ दिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तार नहीं हुई है।

ताजपुर रोड पर राजन एस्टेट के नाम से एक अवैध कालोनी काटी गई है। इस पर निगम की तरफ से पहले दो बार कार्रवाई की गई। कालोनाइजर ने दोबारा निर्माण शुरू कर दिया। बुधवार को एटीपी राजकुमार और बिल्डिंग इंस्पेक्टर कशिश गर्ग मौके पर कार्रवाई करने गए।
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वहां पर अवैध निर्माण को गिरा जब वापस लौट रहे थे तो कालोनाइजर गुरनाम सिंह ने उनकी गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया। दो बार उनकी कार को पीछे से टक्कर मारी। जैसे उन्होंने कार को एक साइड रोका, आरोपी गुरनाम सिंह बाहर निकला। कार में बैठी कशिश गर्ग को कपड़े से पकड़ बाहर निकाल लिया और थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। जैसे ही इस घटना की जानकारी पुलिस और निगम अधिकारियों को दी गई, आरोपी मौके से फरार हो गया।

 
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आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी जारी

थाना टिब्बा प्रभारी परमजीत सिंह का कहना है कि महिला अधिकारी की शिकायत पर भाई रणधीर सिंह निवासी कालोनाइजर गुरनाम सिंह सहित 8 आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 307, 353, 354-बी, 427, 506 और 149 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापा मार रही है।

धरने पर बैठे मुलाजिम
हमले के विरोध में वीरवार को म्यूनिसिपल कर्मचारी संघर्ष कमेटी की अगुवाई में सभी निगम मुलाजिम जोन डी में धरने पर बैठ गए हैं। उनकी मांगें कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। इसके अलावा निगम के पास जितने भी पुलिस मुलाजिम हैं, उन्हें वापस भेजा जाए, क्योंकि वे हिफाजत करने में नाकाम हैं।

दो बार पहले भी हो चुके हैं मामले
अवैध इमारतों पर कार्रवाई के समय मारपीट का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले जोन सी में तैनात एटीपी हनी पर बिल्डिंग सील करने के दौरान हमला किया गया था। इसमें भी कुछ राजनेताओं के गुर्गे शामिल थे। यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला गया। इसके बाद ऋषि नगर में एक बिल्डिंग पर कार्रवाई के दौरान निगम अफसरों और राजनीतिक लोगों से विवाद हुआ था। इस पर भी कुछ कार्रवाई नहीं हुई।

 
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