समराला के गांव सेह में यूथ अकाली दल के सर्कल प्रधान रविंदर सिंह की मंगलवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की मां 2018 में सरपंच चुनाव जीती थी। मार्च 2019 में उसके बड़े भाई की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक उस मामले का मुख्य गवाह था। पुलिस ने मृतक की मां के बयान पर एक महिला समेत 14 लोगों के खिलाफ केस दर्जकर लिया है।
जानकारी के अनुसार, मृतक के बड़े भाई की हत्या के मामले में आठ आरोपी अभी जेल में बंद है, जबकि कुछ आरोपियों को संदेह का लाभ मिलने पर छोड़ दिया गया था। मृतक की मां सरपंच रणजीत कौर ने शिकायत में कहा कि शहीद भाई करम सिंह की जगह पर तार लगाने का काम चल रहा है। यह काम पंचायत की देखरेख में हो रहा है। उसका लड़का रविंदर सिंह उर्फ सोनू (40) इस काम को देख रहा था।
मंगलवार सुबह लगभग दस बजे वह खुद शहीद करम सिंह की जमीन के पास पहुंची। मनजीत कौर पत्नी हरजिंदर सिंह और बिंदर सिंह गेट से निकल कर बाहर जा रहे थे। आरोपी बोल रहे थे कि सोनू की मां आ गई है, इसलिए काम को जल्दी से करो। इतनी देर में आरोपी हरजिंदर सिंह, कुलवीर सिंह, जगवीर सिंह, बिक्रमजीत सिंह निवासी गांव सेह सहित तीन अज्ञात लोगों ने गोलियां चलाकर उनके बेटे को मौत के घाट उतार दिया।
पीड़िता के अनुसार मार्च 2019 में बेटे गुरप्रीत सिंह का हरजिंदर सिंह और हरविंदर सिंह सहित कुछ अन्य लोगों ने कत्ल कर दिया था। उनका बेटा सोनू इस हत्याकांड का मुख्य गवाह था और वह इस केस की पैरवी कर रहा था। इसी कारण आरोपियों ने मिलकर उनके बेटे को मौत के घाट उतारा है। जानकारी मिलने के बाद एसएसपी खन्ना हरप्रीत सिंह घटनास्थल पर पहुंचे।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि उनके दूसरे बेटे ही हत्या में उन्हीं लोगों को हाथ है, जिन्होंने पहले बेटे की हत्या की थी। इसमें एक आरोपी हरजिंदर सिंह उर्फ जरनैल सिंह को संदेह का लाभ देते बाहर कर दिया गया था। थाना समराला प्रभारी सिकंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार को हत्या के मामले में हरजिंदर सिंह उर्फ जिंदर, कुलवीर सिंह, जगवीर सिंह, बिक्रमजीत सिंह, मनजीत कौर, बिंदर सिंह, अमनदीप सिंह, हरविंदर सिंह, लाला, शिंगरा सिंह, उसके बेटे और तीन अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है।