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अंगीठी के धुएं से दम घुटकर दंपति और बच्चे की मौत

Mon, 25 Jan 2016 03:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत/खरखौदा।
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खरखौदा के वार्ड नंबर 8 में शनिवार देर रात एक बुजुर्ग दंपति और उनके पोते की अंगीठी के धुएं से दम घुटकर मौत हो गई। दंपति ने ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाई थी और कमरा बंद कर सो गए। रविवार दोपहर बाद जब दंपति का बेटा घर पहुंचा तो देखा कि तीनों अचेत पड़े हैं।
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आनन-फानन में उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने तीनों शव कब्जे में लेकर सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवाएं हैं।

पुलिस के अनुसार खरखौदा में दिल्ली चौक के पास वार्ड नंबर 8 की शौरा वाली गली में हजारी अपनी पत्नी केला और बेटे हीनू के साथ एक कमरे में रहता था। हीनू शनिवार रात किसी काम से दिल्ली गया हुआ था। ऐसे में हजारी, उसकी पत्नी केला और दूसरे बेटे मौनू का ढाई वर्षीय पुत्र सचिन एक ही कमरे में सो गए। रात को ठंड के चलते उन्होंने अंगीठी जला ली और इस बीच उन्हें नींद आ गई। रविवार दोपहर बाद करीब तीन बजे जब हीनू घर पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। कड़ी मशक्कत के बाद जब दरवाजा खोला तो अंदर तीनों ही बेसुध अवस्था में मिले। इसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां पर चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
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दादा-दादी से था लगाव
हजारी का दूसरा बेटा मोनू उससे अलग रहता है,लेकिन उसके पुत्र सचिन का दादा-दादी से ज्यादा लगाव रखता था। इसके चलते वह अक्सर सोने के लिए हजारी के पास आ जता था।  शनिवार रात को जब वह आया तो ठंड अधिक थी, इसीलिए हजारी के कहने पर केला ने अंगीठी जलाई थी।

अंगीठी की गैस के असर से सिक्योरिटी गार्ड की मौत
डेराबस्सी। मुबारिकपुर फोकल प्वाइंट पर शनिवार रात सोते समय अंगीठी के कोयलों की जहरीली गैस चढ़ने से कुरुक्षेत्र के मार्कण्डेय निवासी सिक्योरिटी गार्ड विक्रम सिंह की मौत हो गई। वह एक फैक्टरी में बतौर सिक्योरिटी गार्ड नौकरी करता था। अंगीठी की गैस चढ़ने से उसका दम घुट गया और मौत हो गई।

वेंटीलेशन है जरूरी: सिविल सर्जन
अंगीठी के कारण तीन लोगों की मौत के बारे में जब सिविल सर्जन डा. जेएस पूनिया से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि अंगीठी जलने पर कार्बन-मोनो-आक्साइड गैस निकलते हैं। क्योंकि अंगीठी में लकड़ी पूरी तरह से नहीं जलती, कोयला बनता है इसीलिए यह जहरीली गैस उत्सजत होती है। ज्यादा मात्रा में शरीर में जाने पर यह गैस जानलेवा होती है।

ये रखें हिदायत
सिविल सर्जन ने हिदायत दी कि अगर कोई घर में रूम हीटर या इस तरह से अंगीठी का प्रयोग करता है तो उसे कमरे में वेंटीलेशन का भी ध्यान रखना चाहिए। कमरे की कम से कम खिड़की या रोशनदान खुला होना चाहिए। वेंटीलेशन नहीं होगा तो पूरा कमरा जहरीली कार्बन-मोनो-आक्साइड से भर जाएगा।
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