इस दौरान वह उसे बार काउंसिल, हाईकोर्ट स्टोर, अपने घर और ऑफिस लेकर गया। बाद में 8 मार्च को उसने मेडिकल को बुलाया। इस दौरान उसने शिकायतकर्ता से दस्तावेज और कुछ खाली कागज पर हस्ताक्षर करवा लिए। जब उसने खाली कागजों पर हस्ताक्षर किए तो उसने उनका दुरुपयोग न करने का विश्वास भी दिलाया। उसने कहा कि वह बाद में इन पर टाइपिंग करवा लेगा और उसे बार- बार चंडीगढ नहीं आना पड़ेगा।
पीड़ित सत्यवीर ने बताया कि आरोपी ने 29 फरवरी 2022 को नकद दो लाख रुपये लिए। वहीं, 25 व 26 फरवरी 2022 को 8 लाख रुपये, 10 मार्च 2022 को 4 लाख, 12 मार्च 2022 को 4 लाख रुपये खाते में डलवाए। इस तरह आरोपी ने एक अगस्त 2022 तक उससे कुल 32 लाख रुपये ठगे।
कार चलाने का बनाया वीडियो
सत्यवीर ने बताया कि इसके बाद 27 अप्रैल को उसे ड्राइविंग टेस्ट के लिए बुलाया। बाद में 30 अप्रैल को उसने अपनी गाड़ी चलवाई और आरोपी ने उसे विश्वास दिलाने के लिए गाड़ी चलाने की वीडियोग्राफी करवाई और इसे आगे भेजने की बात कही।
पैसे वापस मांगे तो फंसाने की दी धमकी
सत्यवीर ने बताया कि काफी समय बीतने पर भी जब उसकी नौकरी नहीं लगी तो पैसे वापस मांगे। पहले तो आरोपी उसे टालता रहा लेकिन बाद में खाली दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर के आधार पर उसे फंसाने की धमकी दी। सत्यवीर ने इसके बाद बाढड़ा थाने और एसपी कार्यालय में शिकायत दी।