युवक को दस लाख की चरस के साथ पकड़ा
- फोटो : अमर उजाला
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) दस लाख की चरस के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी से कुल 17.400 किलो चरस बरामद की है। आरोपी कार में चरस छिपा कर आगे पंजाब में डिलीवरी देने जा रहा था। एनसीबी ने ट्रैप लगाकर खरड़ के पास दबोच लिया।
जानकारी देते हुए एनसीबी के सुपरिंटेंडेंट कुलदीप शर्मा ने बताया कि आरोपी की पहचान हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के गांव खेड़ी के रहने वाले फारूक (23) के रूप में हुई है। एनसीबी को सूचना मिली थी कि आरोपी फारूक नशीले पदार्थ के साथ सूमो गाड़ी में शहर की तरफ आ रहा है। पुलिस ने शनिवार देर रात खरड़ के पास ट्रैप लगाया। जैसे ही आरोपी सूमो कार में वहां पहुंचा एनसीबी ने उसको दबोच लिया। कार की तलाशी लेने पर 17.400 किलो चरस बरामद हुआ। एनसीबी ने बताया कि पकड़ी गई चरस की मार्केट में कीमत करीब दस लाख रुपये की है। एनसीबी ने चरस कब्जे में लेकर आरोपी को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया।
स्पीकर जहां लगते है वहां छिपाई थी चरस
आरोपी ने गाड़ी के बाहर एक स्लोगन लखा हुआ था कि नशा करे बर्बाद और उसी के पीछे 17 किलो चरस छिपाई हुई थी। एनसीबी ने बताया कि आरोपी ने बड़ी ही होशियारी से चरस सीट के पीछे छिपाई हुई थी। आरोपी ने सूमो की पिछली सीटों के पीछे कार बाड़ी में जहां म्यूजिक सिस्टम के लिए स्पीक र लगते है वहां पर दोनों तरफ पूरी चरस छिपाई हुई थी।
दो सालों से चरस की तस्करी कर खरीदी तीन गाड़ियां
एनसीबी ने बताया कि पकड़ी गई सूमो पर टैक्सी नंबर लगा हुआ है। आरोपी के पास दो और गाड़ियां है। एनसीबी के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया है कि वो पिछले दो सालों से चरस तस्करी का काम कर रहा है। दो सालों में सात बार नशीले पदार्थ की खेप ला चुका है। एक चक्कर में आरोपी कम से कम 15 किलों चरस ला कर आगे सप्लाई करता था। एनसीबी ने बताया कि फारू क चरस की सप्लाई पंजाब के ही शहरों में ही करता था। एनसीबी ने बताया कि आरोपी कभी चंडीगढ़ नहीं आता था। लेकिन उसकी गाड़ी खराब थी। उसी के लिए स्पेयर पार्ट्स लेने के लिए वो चंडीगढ़ की तरफ आ रहा था। आरोपी को सोमवार को मोहाली जिला अदालत में करेगी।