चंडीगढ़ में नाबालिग छात्रा के रेपकांड के आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ चल रहे रोष प्रदर्शन के कारण आईजी आरपी उपाध्याय ने शनिवार को आला अधिकारियों के साथ बैठक कर एसआईटी का गठन किया है।
एसआईटी की टीम जहां पर पीड़ित लड़की के दुराचार के मामले की पूरी गहनता से जांच करेगी इसके साथ ही और लड़कियों से दुराचार के आरोपों की जांच करेगी।
मालूम हो कि वार्ड पार्षद एवं वकील सौरभी जोशी ने शुक्रवार को जिला अदालत में स्कूल की और लड़कियों को आरोपी कर्मचारियों द्वारा शिकार बनाने का आरोप लगाया था।
जारी आदेश के अनुसार एसआईटी की टीम का सुपरविजन एसएसपी डा. सुखचैन सिंह गिल करेंगे। जबकि इस टीम ने डीएसपी सेंट्रल आशीष कपूर, डीएसपी मीणा, सेक्टर-3 थाना प्रभारी हरजीत कौर, सेक्टर-11 थाना प्रभारी मलकीयत सिंह और पीजीआई चौकी प्रभारी ऊषा रानी को शामिल किया गया है।
आईजी की ओर से जल्द से जल्द टीम को रिपोर्ट देने के लिए कहा है। आईजी की ओर से सेक्टर-11 पुलिस को इस मामले में एक माह से पहले ही चालान पेश करने के आदेश दिए हैं। आईजी यह भी आदेश दिया है कि किसी भी पीसीआर कर्मचारी को उसके निवास स्थान के पास में तैनात न किया जाए।
धवन ने लगाई गुहार
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के नेता हरमोहन धवन ने आईजी को पत्र भेजकर पीड़ित लड़की के भविष्य को सुरक्षित करने की गुहार लगाई है।
धवन ने पत्र में कहा कि इस प्रकरण से शहरवासियों का पुलिस से विश्वास उठ चुका है लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। धवन ने एक ऐसी कमेटी का गठन करने की मांग की है जो कि सिर्फ दुराचार के मामलों की ही जांच करे।