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एक ठग ऐसा भी: 24 साल में बनाई 100 करोड़ की संपत्ति, घर से मिला ऐसा सामान.. पुलिस भी रह गई हैरान

Sat, 13 Nov 2021 02:32 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर-46 निवासी फाइनेंसर और प्रॉपर्टी डीलर रामलाल चौधरी को गुरुवार को गिरफ्तार किया था। गुरुग्राम के आईआरईओ विक्ट्री वैली निवासी अतुल्य शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने पांच करोड़ की ठगी का केस दर्ज किया था। एसएसपी कुलदीप चहल ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। एसआईटी की जांच के बाद चौधरी की गिरफ्तारी हुई। 
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी रामलाल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पांच करोड़ रुपये हड़पने के आरोप में चंडीगढ़ से गिरफ्तार प्रॉपर्टी डीलर और फाइनेंसर रामलाल चौधरी के पास 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। यह खुलासा पुलिस जांच में हुआ है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि रामलाल पुलिस कांस्टेबल से लेकर डीएसपी तक के तबादले और तैनाती का बड़ा खिलाड़ी था। शातिर रामलाल ने 24 वर्षों में झुग्गी से महल तक का सफर तय किया। अब पुलिस जांच कर रही है कि उसने किस-किस के साथ ठगी की और कुछ ही सालों में 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति कैसे बना डाली।

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पुलिस सूत्रों ने बताया कि राजस्थान से एक बैग लेकर रामलाल वर्ष 1997 में चंडीगढ़ की किसान कालोनी में रहने आया था। यहां झुग्गी में रहते हुए उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। दुष्कर्म, हत्या, हत्या का प्रयास, साजिश, चोरी, नशे और ठगी के मामलों में उसका नाम आया और कई केस दर्ज हुए। सूत्रों के मुताबिक, रामलाल ने कुछ पुलिस अफसरों और राजनेताओं के गठजोड़ कर करोड़ों की संपत्ति बना डाली। पुलिस का दावा है कि यह एक बहुत बड़ा रैकेट है, जिसका खुलासा जल्द किया जाएगा। 

पुलिस ने रामलाल की सेक्टर-47 स्थित बंद कोठी की चाबी कब्जे में ली है। इस घर की तलाशी लेने की भी तैयारी चल रही है। रामलाल के पास करीब 8-0 महंगी कारें हैं, जिनके बारे में भी पुलिस जानकारी इकट्ठा कर रही है। शुक्रवार को आरोपी रामलाल के ड्राइवर से भी सेक्टर-31 के थाने में पूछताछ की गई।
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सूत्रों ने बताया कि रामलाल पुलिस अधिकारियों के तबादले और तैनाती में भी हस्तक्षेप था। इस बात से पुलिस विभाग का हर मुलाजिम वाकिफ है। कुछ पुलिस अफसरों और नेताओं के गठजोड़ से रामलाल कांस्टेबल से लेकर डीएसपी तक के तबादले और पोस्टिंग करवा देता था। चंडीगढ़ पुलिस के मुलाजिम हों या फिर अफसर हर कोई रामलाल से इतना खौफ खाता था कि उससे पूछताछ करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था। रामलाल का आपराधिक इतिहास होने के बावजूद उस पर कोई हाथ नहीं डालता था लेकिन एसएसपी कुलदीप चहल ने शिकायत मिलते ही उसी दिन एफआईआर दर्ज की और एसआईटी गठित कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

400 ब्लैंक चेक, स्टांप पेपर और करोड़ों की एफडी के दस्तावेज

पुलिस को आरोपी के कब्जे से करीब 400 ब्लैंक चेक, स्टांप पेपर और करोड़ों की एफडी के दस्तावेज बरामद हुए हैं। रामलाल को जब गिरफ्तार किया गया तो ये दस्तावेज उसके घर से कहीं और ले जाए जा रहे था, लेकिन पुलिस ने इन्हें कब्जे में ले लिया। सूत्रों ने बताया कि रामलाल ने हाल ही में पिंजौर में 3500 गज की प्रॉपर्टी खरीदी है। जीरकपुर में उसके 38 फ्लैट हैं। रामदरबार, सेक्टर-47, 46 के अलावा अन्य जगहों पर बनाई गई संपत्ति की पुलिस जांच कर रही है।

गुरुग्राम निवासी बिजनेसमैन से पांच करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोपी फाइनेंसर रामलाल चौधरी को शुक्रवार को जिला अदालत में पेश किया गया। इस दौरान आरोपी के बचाव पक्ष में करीब दस वकील कोर्ट रूम में आए। जज के सामने आरोपी के वकीलों ने दलील दी कि पुलिस ने रामलाल को गलत तरीके से गिरफ्तार किया है। उन्होंने किसी भी व्यक्ति के साथ कोई धोखाधड़ी नहीं की और न ही पुलिस को आरोपी के घर से तलाशी के समय कुछ मिला है। 

वहीं शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि आरोपी पर गंभीर आरोप हैं और पुलिस के पास सबूत भी हैं। पुलिस की ओर से आरोपी का 10 दिन का रिमांड मांगा गया, लेकिन कोर्ट ने सात दिन का रिमांड दिया।  
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तबादले की अर्जी लेकर पहुंचा कांस्टेबल, इसके बाद पकड़ा गया रामलाल

सूत्रों ने बताया कि एसआईटी में शामिल इंस्पेक्टर नरेंद्र पटियाल ने आरोपी रामलाल को गिरफ्तार करने से करीब एक घंटा पहले थाने के कांस्टेबल संदीप को रामलाल के दफ्तर भेजा, ताकि पता लग सके कि रामलाल दफ्तर में बैठा है या नहीं। संदीप को दफ्तर के बाहर रामलाल का पीए मिला। संदीप ने पीए से कहा कि उसे अपना तबादला कराना है और इसके लिए वह रामलाल से मिलने आया है। इसके बाद संदीप को पता लग गया कि रामलाल दफ्तर में ही बैठा है। इसके बाद संदीप ने नरेंद्र पटियाल को जानकारी दी और फिर आरोपी को दफ्तर से गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही उसका मोबाइल भी कब्जे में ले लिया गया। 
रामलाल चौधरी ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की प्रॉपर्टी कैसे बनाई, इसकी जांच की जा रही है। आरोपी से कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। आरोपी को जिला अदालत में पेश कर सात दिन के रिमांड पर ले लिया है। उससे पूछताछ जारी है। - कुलदीप चहल, एसएसपी
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