पुलिस को आरोपी के कब्जे से करीब 400 ब्लैंक चेक, स्टांप पेपर और करोड़ों की एफडी के दस्तावेज बरामद हुए हैं। रामलाल को जब गिरफ्तार किया गया तो ये दस्तावेज उसके घर से कहीं और ले जाए जा रहे था, लेकिन पुलिस ने इन्हें कब्जे में ले लिया। सूत्रों ने बताया कि रामलाल ने हाल ही में पिंजौर में 3500 गज की प्रॉपर्टी खरीदी है। जीरकपुर में उसके 38 फ्लैट हैं। रामदरबार, सेक्टर-47, 46 के अलावा अन्य जगहों पर बनाई गई संपत्ति की पुलिस जांच कर रही है।
गुरुग्राम निवासी बिजनेसमैन से पांच करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोपी फाइनेंसर रामलाल चौधरी को शुक्रवार को जिला अदालत में पेश किया गया। इस दौरान आरोपी के बचाव पक्ष में करीब दस वकील कोर्ट रूम में आए। जज के सामने आरोपी के वकीलों ने दलील दी कि पुलिस ने रामलाल को गलत तरीके से गिरफ्तार किया है। उन्होंने किसी भी व्यक्ति के साथ कोई धोखाधड़ी नहीं की और न ही पुलिस को आरोपी के घर से तलाशी के समय कुछ मिला है।
वहीं शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि आरोपी पर गंभीर आरोप हैं और पुलिस के पास सबूत भी हैं। पुलिस की ओर से आरोपी का 10 दिन का रिमांड मांगा गया, लेकिन कोर्ट ने सात दिन का रिमांड दिया।
सूत्रों ने बताया कि एसआईटी में शामिल इंस्पेक्टर नरेंद्र पटियाल ने आरोपी रामलाल को गिरफ्तार करने से करीब एक घंटा पहले थाने के कांस्टेबल संदीप को रामलाल के दफ्तर भेजा, ताकि पता लग सके कि रामलाल दफ्तर में बैठा है या नहीं। संदीप को दफ्तर के बाहर रामलाल का पीए मिला। संदीप ने पीए से कहा कि उसे अपना तबादला कराना है और इसके लिए वह रामलाल से मिलने आया है। इसके बाद संदीप को पता लग गया कि रामलाल दफ्तर में ही बैठा है। इसके बाद संदीप ने नरेंद्र पटियाल को जानकारी दी और फिर आरोपी को दफ्तर से गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही उसका मोबाइल भी कब्जे में ले लिया गया।
रामलाल चौधरी ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की प्रॉपर्टी कैसे बनाई, इसकी जांच की जा रही है। आरोपी से कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। आरोपी को जिला अदालत में पेश कर सात दिन के रिमांड पर ले लिया है। उससे पूछताछ जारी है। - कुलदीप चहल, एसएसपी