शिकायत में बताया गया कि शातिर ने मैकेनिक भेजने से पहले कहा कि ऑनलाइन फॉर्म भरकर दो रुपए जमा करवाने होंगे। इसके बाद मोबाइल नंबर पर एक लिंक भेजा गया। लिंक खोलते ही नाम, पता और बैंक खाते से जुड़ी सभी जानकारियां भरने को कहा गया। जैसे ही अंबा दत्त ने फॉर्म को ओके किया तो उनका मोबाइल करीब 15 मिनट तक हैंग हो गया। जबकि शातिर यह कहता रहा कि अभी प्रोसेस किया जा रहा है। फोन कटते ही उन्हें मैसेज से पता चला कि खाते 33 हजार उड़ गए हैं। लेकिन जब बैंक पहुंचे दो अलग-अलग रकम में कुल 87,399 रुपये की चपत खाते से लगाई गई थी।
झारखंड से किया गया था फोन
खाते से रुपए कटने के बाद जब दोबारा उसी शख्स से बात की गई तो उसने कहा कि 24 घंटे में आपके खाते में पैसे वापस आ जाएंगे। इंतजार के बाद जब पैसा वापस नहीं आया तो 23 नवंबर को मामले की शिकायत सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय में दी गई, जहां इंक्वायरी मार्क के बाद अब केस को साइबर सेल में भेज दिया गया है। साइबर सेल की जांच में सामने आया कि शातिर ने फोन मुंबई से नहीं बल्कि झारखंड स्थित एक गांव से की थी। वहीं शिकायतकर्ता का आरोप है कि शातिर का मोबाइल नंबर खुला होने के बावजूद पुलिस कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। फिलहाल इस पूरे मामले की साइबर सेल छानबीन में जुटी हुई है।