धर्मपाल इसके लिए राजी हो गया। उसने पहली बार में तीन हजार रुपये दे दिए। उसके बाद दस हजार रुपये देने की बात तय हुई। इसी बीच धर्मपाल ने सीबीआई को सूचना दे दी। सीबीआई के कहने पर धर्मपाल ने हरभजन सिंह को सेक्टर-32 स्थित निर्माण सिनेमा के पास बुलाया। धर्मपाल के रुपये देते ही सीबीआई ने हरभजन को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई को इस मामले में थाना प्रभारी और एक सिपाही की भूमिका संदिग्ध लग रही है। आरोपी के रिमांड के बाद सीबीआई थाना प्रभारी को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है।
यह दी थी शिकायत
13 फरवरी को मोहाली के लालडू निवासी शिकायतकर्ता धर्मपाल ने सीबीआई को बताया था कि वह 3बीआरडी में रहते हैं और एयरफोर्स में सेक्शन सीपी के पद पर कार्यरत हैं। मई 2018 में बेटे की शादी के लिए सेक्टर-32 स्थित एक निजी लोन एजेंसी से पांच प्रतिशत ब्याज पर 3.20 लाख रुपये का लोन लिया था।
प्रति माह 16 हजार रुपये किस्त देनी थी। अक्तूबर 2020 तक वह 4.64 लाख रुपये दे चुके थे। नवंबर 2020 में हरभजन सिंह ने फोन कर कहा कि उनके खिलाफ शिकायत आई कि वह लोन के किस्तें नहीं दे रहे। बातचीत के बाद हरभजन उनसे मिला और लोन एजेंसी के दफ्तर ले गया, जहां तय हुआ कि 30 अप्रैल 2021 तक वह पांच लाख रुपये चुका देगा।
चार फरवरी को दोबारा एएसआई ने फोन कर कहा कि एजेंसी दबाव बना रही है। मामला दर्ज करना होगा। धर्मपाल गिड़गिड़ाया तो हरभजन बोला 20 हजार रुपये थाना प्रभारी और 50 हजार रुपये एजेंसी को दे दो तो मामला रफा-दफा हो जाएगा।
इसके बाद हरभजन ने पहले तीन हजार रुपये ले लिया और सोमवार को 10 हजार रुपये लेने सेक्टर-32 स्थित निर्माण सिनेमा के पास पहुंचा तो सीबीआई ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया और उसे सेक्टर-32 के संपर्क सेंटर में ले गई। जहां उससे घंटों पूछताछ की गई।
कब-कब रिश्वत लेते पकड़े गए पुलिसकर्मी
- 2019 को सीबीआई ने सेक्टर-31 थाने में तैनात एसआई राजबीर को रिश्वत के आरोप में पकड़ा
- 2019 में इंडस्ट्रियल थाने में तैनात एसआई सेवा सिंह को पांच हजार रुपये रिश्वत सहित काबू किया
- 2017 में सेक्टर-31 थाने में तैनात रहे एसआई मोहन लाल को सीबीआई ने आठ लाख रुपये रिश्वत मांगने और दो लाख रुपये लेते रंगे हाथ दबोचा
- 2020 को मलोया में रिश्वत के मामले में दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार
- 2020 मनीमाजरा थाना प्रभारी जसविंदर कौर आठ लाख रिश्वत में गिरफ्तार