उसके एटीएम से 73 हजार रुपये व खाते से एक लाख 80 हजार रुपये चेक के जरिये निकलवा लिए। उसके कार्ड से गाड़ियों में करीब 18,586 रुपये का तेल डलवाया और अन्य काम के लिए खर्च किए। यही नहीं, इंजीनियर से उसकी गाड़ी की बिक्री के कागजों पर हस्ताक्षर कराके अपने पास रख लिए। विक्रम की शिकायत के बाद इस हाई प्रोफाइल मामले में पुलिस ने कई महीनों की जांच बाद अब केस दर्ज किया। फिलहाल अभी इस मामले में आरोपी वीना रानी को गिरफ्तार किया है।
बदला लेने और पैसों के लिए रची साजिश
एसपी (डी) ने बताया कि दरअसल इस मामले के तार सिटी समाना थाने में दर्ज एक पुराने मामले से जुड़े हैं। वीना रानी समाना में एक कंप्यूटर सेंटर चलाती है। उसने सिविल इंजीनियर विक्रम के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि उसके सेंटर के स्टूडेंट्स को नौकरी दिलाने का झांसा देकर इंजीनियर व उसके साथियों ने लाखों की ठगी की है। लेकिन जब मामले की जांच की तो इंजीनियर और उसके साथी निर्दोष पाए गए।
हैरानी वाली बात रही कि सेंटर के स्टूडेंट्स ने उलटा वीना पर ही उनसे नौकरी के नाम पर ठगी के आरोप लगा दिए। इसके बाद पुलिस ने वीना पर केस दर्ज कर लिया था। इसके बाद वीना ने अपनी जान-पहचान के पुलिस मुलाजिम फकीर चंद और अन्य से मिलकर यह सारी साजिश बदला लेने व पैसों के लालच में रची।