बुडै़ल जेलब्रेक मामले में वांछित आरोपी आतंकवादी जगतार सिंह तारा को विदेश से गिरफ्तार करने के बाद पंजाब इंटेलिजेंस विंग की ओर से बुधवार को जिला मोहाली के खरड़ स्थित सीआईए स्टाफ कार्यालय में आठ घंटे तक पूछताछ की गई।
इस दौरान कई घंटे पूछताछ की गई और विभिन्न जिलों से पहुंचे पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन द्वारा इस कार्रवाई को गुप्त रखा गया।
पटियाला पुलिस तारा को सुबह 10:30 बजे के करीब खरड़ कार्यालय लेकर आई। उसके पहुंचने के साथ ही इंटेलिजेंस विंग पंजाब के डीआईजी अनन्या गौतम, जिला रोपड़, पटियाला व मोहाली से संबंधित एसपी रैंक के अधिकारी भी उससे पूछताछ करने के लिए मौजूद रहे।
आतंकी तारा से पूछे गए ये प्रश्न
तारा से पूछा गया कि जेल से फरार होने के बाद वह कहां रहा, किसने उसे शरण दी, उसे फरार करवाने में किसने साथ दिया, जिला मोहाली में वह कहां व किसकी मदद से रहा, राजनितिक तौर पर उसकी किस नेताओं ने मदद की व उसे शरण दी यहां तक कि उसको देश से बाहर थाईलैंड भेजने में कौन उसकी मदद करता रहा। इन सवालों के अलावा पुलिस द्वारा आतंकवादी संगठनों से उसके तालमेल संबंधी भी सवाल किए गए। देर शाम 6:30 बजे तक पूछताछ जारी रही।
सीआईए स्टाफ खरड़ में इससे पहले आतंकी नारायण सिंह चौरा को भी एक साल पहले गिरफ्तारी के बाद यहां पर पूछताछ के लिए लाया गया था। चौरा दर्जनों आतंकवादी मामलों में वांछित था, यहां तक कि बुड़ैल जेलब्रेक मामले में आतंकी तारा, भ्यौरा व हवारा को फरार करवाने में भी चौरा ने इनकी मदद की थी।
पत्रकारों से उलझे पुलिसकर्मी
सीआईए स्टाफ के बाहर तैनात पुलिस अधिकारियों व सुरक्षाकर्मियों ने पत्रकारों को वहां पर तस्वीरें खींचने से मना कर दिया। पुलिस की पत्रकारों से तकरार भी हो गई। पत्रकारों द्वारा अपनी पहचान बताए जाने के बावजूद यह पुलिसकर्मी कुछ भी मानने को तैयार नहीं थे बल्कि पत्रकारों द्वारा खींची कई तस्वीरें डिलीट करने की बात को लेकर अड़े रहे। पुलिस ने किसी को भी क्षेत्र की ओर जाने नहीं दिया।