महिला थाने में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को बुरी तरह पीटा। साली बीच बचाव करने आई तो उसे भी पीटा, कपड़े तक फाड़ डाले। पुलिस वाले मूकदर्शक बने रहे। कोई बचाने नहीं आया। मामला हरियाण के रोहतक का है। व्यक्ति ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर पत्नी और साली को थाने में ही पीटा।
परिजनों ने मौके पर पहुंच कर दोनों को बचाया और सिविल अस्पताल में इलाज के लिए ले गए। दूसरी और, महिला थाने ने मारपीट का मामला दर्ज करके सिविल थाने में भेज दिया। महिला का आरोप है कि पुलिसकर्मियों के सामने मारपीट होती रही लेकिन, कोई बचाने नहीं आया।
पाकस्मा निवासी सोनिका की शादी 3 नवंबर 2014 को सोनीपत के गांव जोहड़ी निवासी जयप्रकाश से हुई थी। सोनिका की बहन मोनिका ने बताया कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले एक कार और दस लाख रुपये की मांग कर रहे थे।
कई बार बातचीत के बाद मामला सुलझाने की कोशिश की गई। करीब तीन महीने बाद ससुराल वालों ने सोनिका को घर से निकाल दिया। मामले की शिकायत महिला सेल में की गई थी।
दोनों पक्षों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था
महिला सेल में शिकायत दर्ज होने के बाद सोमवार को दोनों पक्षों का काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था। मोनिका ने बताया कि एसएचओ गरिमा के चैंबर में बातचीत चल रही थी। समझौते की बात पर, जयप्रकाश ने अभद्र भाषा में बात करना शुरू कर दिया।
इसी बीच एसएचओ ने सोनिका और जयप्रकाश को बाहर जाने के लिए कह दिया। जब सोनिका बाहर जाने लगी तो पीछे से जयप्रकाश ने उसकी गर्दन पकड़कर दीवार पर मारने की कोशिश की।
वहीं मोनिका का आरोप है कि बचाव में जब वह गई तो उसे भी उसके रिश्तेदारों ने पीटना शुरू कर दिया और कपड़े फाड़ दिए। इतना हंगामा होने के बाद थाने में मौजूद पुलिसकर्मी काफी देर तक बचाव करने नहीं आए और बाद में दोनों पक्षों को अलग किया।
गरिमा, एसएचओ, महिला थाना के अनुसार दहेज उत्पीड़न के मामले में महिला सेल में मामला आया था। इसी मामले में काउंसिलिंग के लिए दोनों पक्षों को बुलाया गया था। मारपीट के मामले में कार्रवाई का अधिकारी फिलहाल महिला थाने को नहीं है। इसलिए सिविल लाइन भेजा गया।
नवीन कुमार, एसएचओ, सिविल लाइन थाना ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत आई है। दोनों ने अपने स्तर पर ही मेडिकल कराया लिया है। शिकायत के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।