पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने करोड़ों का गमन करने वाली पूजा बग्गा मामले से सबक सीख लिया है। शुक्रवार को पीयू प्रशासन ने बीए की एक छात्रा को पास कराने के नाम पर 25 हजार वसूलने वाले कर्मचारी के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करने की चिट्ठी लिख दी है। पीयू रजिस्ट्रार द्वारा कांट्रेक्ट कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए एसएसपी को चिट्ठी लिखी है। जानकारी अनुसार मामले में अब पुलिस जल्द ही कार्रवाई करेगी। सूत्रों के अनुसार रिश्वत लेने वाले कर्मचारी को पीयू प्रशासन ने नौकरी से भी निकालने का फैसला ले लिया है। पूरे मामले की जांच के लिए पीयू प्रशासन की ओर से गठित कमेटी से भी रिपोर्ट तलब की गई है।
क्या है पैसे लेने का मामला
पीयू की सिंगल विंडो पर तैनात ब्लाइंड कर्मचारी उपिंदर को कुछ महीने पहले ही नौकरी पर रखा गया था। उपिंदर के पिता भी पीयू में सीनियर असिस्टेंट पद पर तैनात हैं। उपिंदर के खिलाफ लुधियाना की एक छात्रा और उसके पिता ने 25 हजार रुपये लेकर पास करवाने का आश्वासन दिया गया लेकिन छात्रा फिर भी फेल हो गई। दिहाड़ीदार कर्मचारी के खिलाफ छात्रा और उसके अभिभावक ने लिखित में शिकायत दी थी। मामले की जांच के लिए पीयू प्रशासन ने कमेटी गठित की। कमेटी की प्रारंभिक जांच के बाद कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया और पीयू प्रशासन ने पुलिस में भी शिकायत दर्ज करवा दी।
सालों से जमें कर्मचारियों के होंगे तबादले
पैसे लेकर पास करवाने का मामला सामने आने के बाद पीयू प्रशासन चौकन्ना हो गया है। सूत्रों के अनुसार जल्द ही पीयू प्रशासन महत्वपूर्ण विभागों में कई सालों से जमे हुए कर्मचारियों के तबादले करने की तैयारी में है। पीयू प्रशासन के पास पहले भी कर्मचारियों के खिलाफ कई शिकायतें आ चुकी हैं।
जांच कमेटी के सामने पेश होंगे शिकायतकर्ता
पुलिस के साथ ही पीयू प्रशासन भी अपने स्तर पर मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रहा है। पीयू की ओर से गठित कमेटी ने शिकायतकर्ता को कमेटी के सामने पेश होने को कहा है। जानकारी अनुसार शिकायतकर्ता लुधियाना निवासी हैं और काफी गरीब घर से हैं। पीयू द्वारा कई बार शिकायतकर्ता से संपर्क किया जा चुका है। लेकिन अभी तक उन्होंने आने के लिए कोई समय नहीं दिया है। ऐसे में पूरे मामले में शिकायतकर्ता की गवाही पर ही पैसे लेने वाले कर्मचारी पर कार्रवाई निर्भर होगी।
कमेंट
पीयू कर्मचारी द्वारा पास करवाने के नाम पर पैसा लेने का मामला अभी उनके पास नहीं पहुंचा है। इस संबंध में उन्हें कोई शिकायत भी नहीं मिली है। शिकायत मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
-नरेंद्र पटियाल, एसएचओ सेक्टर-11
पीयू प्रशासन ने मामले में पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के लिए लिख दिया है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। पीयू प्रशासन अपने स्तर पर भी जांच कर रहा है।
-विनीत पुनिया,डायरेक्टर पब्लिक रिलेशंस पंजाब यूनिवर्सिटी