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'बहादुर बहनों' का एक और शिकार आया सामने

Sat, 06 Dec 2014 05:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, खरखौदा
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रोडवेज बस में युवकों की धुनाई कर चर्चा में आईं थाना खुर्द की दो सगी बहनों की परेशानी बढ़ सकती है। जहां नित नये वीडियो के सामने आने से इनके दावे कमजोर पड़ते नजर आ रहे हैं वहीं सिसाना निवासी सुमित पुत्र रामफल ने भी दोनों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
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युवक का कहना है कि उस पर भी उक्त दोनों बहनों ने छेड़खानी की झूठी शिकायत लिखाकर 20 हजार रुपये ऐंठे थे। बदनामी के डर से न केवल उसके पिता ने निर्दोष होते हुए भी उक्त राशि इन लड़कियों को दी बल्कि उसका कॉलेज तक छुड़वा दिया।

वहीं लड़के के पिता का कहना है कि अब वे इनके खिलाफ कोर्ट में भी जाने को तैयार हैं। जरूरत पड़ने पर पीड़ित लड़कों का साथ देने का भी एलान किया।

लड़कियों को जानता तक नहीं था सुमित

सुमित ने प्रेसवार्ता में बताया कि उसने इसी वर्ष गांव के राजकीय विद्यालय से बारहवीं की कक्षा पास कर रोहतक एक कॉलेज में दाखिला लिया था।

करीब पांच से छह महीने पहले जब वह कॉलेज पहुंचा तो उसे उसके साथियों ने बताया कि दो लड़कियों ने उसकी शिकायत की है कि उसने बस में आते समय उनके साथ छेड़खानी की है। जबकि एक दिन पहले वह कॉलेज गया ही नहीं था।

पुलिस में शिकायत होने पर उसके पिता उसे साथ लेकर रोहतक थाने गए। जहां पर मैंने लड़कियों को पहचानने से इंकार कर दिया। हालांकि इसके बावजूद दोनों ही लड़कियों ने मुझ पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया।

लड़कियों के कारण छूट गया कॉलेज

सुमित का कहना है कि मेरे पिता ने बदनामी के डर से न केवल 20 हजार रुपये में फैसला किया बल्कि उसी दिन से मेरा कॉलेज में जाना भी बंद करा दिया।

वहीं युवक के पिता रामफल का कहना है कि वे एक शरीफ परिवार से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन ऐसी घटना होने पर उन्होंने अपने लड़के का कॉलेज छुड़वा दिया।

हालांकि अब जब इन लड़कियों द्वारा बस में एक और घटना को अंजाम दिया गया तो अब वे इनके खिलाफ कोर्ट में भी जाने को तैयार हैं। अगर जरूरत पड़ी तो वे पीड़ित लड़कों के साथ देंगे।

एक लड़की ने किया युवकों का समर्थन

रोडवेज बस में दो लड़कियों के साथ छेड़छाड़ व मारपीट मामले में आरोपी युवकों के पक्ष में एक और लड़की आई है। आसन गांव की रहने वाली मोनिया भोरड़ा ने शपथ पत्र देकर बताया कि वह 28 नवंबर को पेपर देकर वापस घर जा रही थी। लड़कियों से वह चार सीट पीछे बैठी थी। आसन गांव का ही कुलदीप एक महिला के लिए सीट नंबर लेकर आया। वहां पर लड़कियां बैठी थीं।

उन लड़कियों ने कुलदीप के साथ गलत बोलना शुरू कर दिया। मोनिया ने बताया कि लड़कियां काफी देर तक बोलती रही तो कुलदीप ने उन्हें कहा भी था कि चुप हो जाओ। इस पर उन्होंने गाली देना शुरू कर दिया। ड्राइवर कंडक्टर ने रोका भी तो उन्होंने उनके साथ भी गाली गलौच किया।

लड़कों ने न तो गाली दी और न हूटिंग की और न छेड़छाड़। लड़कियों में से एक ने बैग में से बेल्ट निकाली और कुलदीप के साथ मारपीट शुरू कर दी। मोनिया ने बताया कि लड़कियों ने पीछे वाली सीट पर चश्मा लगाए बैठी एक लड़की से वीडियो बनवाया था।
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लड़कियों को नहीं, लड़कों को मिले सम्मान

मोनिया का कहना है कि वह उन लड़कियों के ही कॉलेज में पढ़ती है। उसका अंतिम पेपर 28 को था और इसके बाद वह अपने मामा के घर पर चली गई। मांग की है कि लड़कियों को नहीं बल्कि लड़कों को सम्मान मिलना चाहिए। बता दें कि अभी तक मामले में 8 गवाह सामने आए हैं और सभी ने लड़कों के पक्ष में शपथपत्र दिए हैं।

अभी नहीं तैयार हुई चार्जशीट
मामले की जांच कर रहे डीएसपी यशपाल खटाना ने बताया कि अभी जांच चल रही है। जांच के दौरान काफी कुछ अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। अभी चार्जशीट दाखिल करने में समय लगेगा, सभी पहलुओं की जांच होगी।
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