रोहतक पुलिस ने दो युवकों को बेरहमी से पीटा
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रोहतक सिविल लाइन थाने में रविवार देर रात दो युवकों को बंद करके बंदूकों की बट, डंडों और लात-घूंसों से पिटाई के मामले में सच जल्द सामने आएगा। मामले में लोगों और राजनेताओं के हस्तक्षेप के बाद पुलिस की साख पर बन आई है। ऐसे में जांच अधिकारी डीएसपी अनिल कुमार खुद छोटूराम चौक में लगे सीसीटीवी फुटेज में कैद घटना को देखेंगे।
इसके बाद सच सामने आएगा कि दोषी पुलिसकर्मी हैं या युवक। वहीं, परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है। पुलिस पुलिस का कहना है कि मामले में सच सामने नहीं आया है। जांच की जा रही है, इसके बाद कार्रवाई होगी। दूसरी ओर, दोनों युवकों की मेडिकल जांच रिपोर्ट में उनके शराब पीने की पुष्टि हुई है।
लोगों ने देखा युवकों ने किया हंगामा, शिकायत से इनकार
पुलिस ने सोमवार को छोटूराम चौक पर कई प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की। अधिकतर ने युवकों पर शराब पीकर हंगामा करने और पुलिस के साथ मारपीट का आरोप लगाया है, लेकिन शिकायत देने से मना कर दिया है।
पुलिस बोली, शराब पीकर हंगामा कर रहे थे युवक
Policemen try to escape the smell of lacquer.
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पुलिस पर आरोप है कि दोनों युवकों को छोटूराम चौक पर पीसीआर और राइडर ने डंडों से पीटा और बाद में सिविल लाइन थाने में लाकर जमकर पिटाई की। जबकि पुलिस का कहना है कि दोनों युवक अपने दोस्तों के साथ शराब पीकर चौक पर हंगामा कर रहे थे।
जब पुलिसकर्मियों ने समझाने का प्रयास किया तो उनसे मारपीट कर दी। इसके बाद उन्हें थाने लाया गया था। एसपी शशांक आनंद ने मामले की जांच डीएसपी अनिल कुमार को सौंपी है। एसपी ने रविवार रात ही थाने में मौजूद सभी पुलिस कर्मियों की सूची तैयार करवाई।
इसके बाद जिन पुलिस कर्मियों पर मारपीट का आरोप था उनके लिखित में बयान दर्ज करवाए। एसपी ने घटना के बाद राइडर और पीसीआर पर तैनात हेड कांस्टेबल सुनील कुमार, अनिल कुमार, कांस्टेबल राजेश, लीलाराम और हेमंत को सस्पेंड किया है। इन पुलिस कर्मचारियों की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।