सतलोक आश्रम आने वाले अनुयायियों में रामपाल के प्रति वाकई में अंध भक्ति थी। वह किसी भी हालत में रामपाल का साथ नहीं छोड़ना चाहते, इसका खुलासा बृहस्पतिवार को आश्रम में चले सर्च अभियान के दौरान हुआ। पुलिस ने यहां दो युवकों को हिरासत में लिया है।
आठ दिन पहले हुई रामपाल की गिरफ्तारी के बाद से यह दोनों आश्रम में छिपकर बैठे थे। सर्च अभियान के दौरान पुलिस को नजदीक पहुंचता देखकर यह दोनों भागने लगे तो पुलिस ने दौड़ाकर इन्हें पकड़ लिया। यह दोनों अपने आपको रामपाल का कमांडो बता रहे हैं।
पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह आश्रम में डिश छतरियों के नीचे छिपकर बैठे हुए थे। पकड़े गए युवकों की पहचान गांव बरोदा, मड़िया जिला मध्यप्रदेश निवासी सरजू और गांव लहरवदा जिला सागर, मध्यप्रदेश निवासी संतोषदास के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में दोनों ने बताया है कि वे लोग छतरियों के नीचे छिपे हुए थे।
उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि हमारे भगवान संत रामपाल जरूर लौटकर आएंगे। इसी आशा के सहारे वे आश्रम में छिपकर बैठे रहे। वे किसी भी हालात में आश्रम नहीं छोड़ना चाहते।
बिस्कुट के सहारे रहे 8 दिन तक
सरजू व संतोषदास ने बताया है कि वे रात में सर्च अभियान खत्म होने के बाद अंधेरे में छतरियों के नीचे से निकलते और आश्रम के स्टोर से बिस्कुट इत्यादि निकालकर ले आते। पीने के लिए पानी भी वहीं से बोतलों में भरकर छतरियों के नीचे रख लेते थे। रात में वह रजाइयों में जाकर सो जाते और सुबह होने से पहले वहीं पर आकर छुप जाते।
21 नवंबर को मिले थे चार लोग
सर्च अभियान के दूसरे ही दिन रामपाल के आश्रम से एक महिला सहित चार अनुयायी आश्रम से निकले थे। इनमें से महिला बाथरूम में बेहोश मिली थी और तीन युवक रजाइयों में छिपे मिले थे। पुलिस ने इनको गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद तीन लोग आश्रम में छिपे मिले थे।
यह मिला सर्च अभियान में
एसआईटी के सर्च अभियान में बृहस्पतिवार को 500 कांच की गोलियां, एक गुलेल, तीन किलोग्राम मिर्च पाउडर, 15 लाठियां, 1 केनशिल्ड, 12 हेलमेट बरामद किए हैं। आईजी अनिल राव ने बताया है कि अभी सर्च अभियान जारी रहेगा। आश्रम से सर्च अभियान के दौरान काफी मात्रा में सामान बरामद हो रहा है।