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भाजपा अध्यक्ष का बेटा बैड ब्वॉयज गैंग का सरगना

Tue, 03 Feb 2015 04:16 PM IST
बलवान करिवाल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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शहर के कॉन्वेंट और प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को अपने जाल में फंसा ठगने वाले बैड ब्वॉयज गैंग के सरगना को जानकर आप चौंक जाएंगे। पिता भाजपा का नेता और बेटा भी राजनीति में जमीन तैयार कर रहा था मगर तरीका गलत चुना। नियम तोड़ना आदत बन गया।
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इस गलत रास्ते ने उसे बैड ब्वायज गैंग का सरगना बना दिया और बच्चों को डराकर वसूली करने के आरोप में अपने तीन साथियों के साथ जेल में बंद है। बात हो रही है रतन लुबाणा की। पिता भजन सिंह माढ़ू ग्रामीण जिला भाजपा अध्यक्ष हैं। रतन लुबाणा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की डीएवी कालेज शाखा का चेयरमैन है।

नियम तोड़ना आदत
पिछले साल रतन लुबाणा ने छात्र संघ चुनाव लड़ा था। डिफेसमेंट एक्ट का उल्लंघन कर उसने शहर भर में अपने पोस्टर लगवा दिए थे। इस पर नगर निगम ने पोस्टर लगाने पर रतन लुबाणा और एक अन्य छात्र नवरीतपाल सिंह पर 14 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके नोटिस भी भेजे मगर जुर्माना भी नहीं भरा गया।
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फेसबुक से बर्थडे पता कर जबरन घुसते थे पार्टी में

बैड ब्वॉयज गैंग ठगने के लिए बच्चों को किस तरह अपने जाल में फंसाते थे? इसे लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यह खुलासा एक पीड़ित बच्चे के पिता ने खोली है। बच्चे के पिता ने बताया कि यह गैंग फेसबुक के जरिए छात्रों के जन्मदिन की जानकारी लेता था और जन्मदिन पार्टी में जबरदस्ती शामिल हो जाता था।

इतना ही नहीं अगले दिन उस छात्र पर दबाव बनाता था कि शगुन में मिले पैसे उन्हें दे दे। मना करने पर छात्र की वाल पर गालियां लिखते थे। सेंट जॉन स्कूल के नौवीं कक्षा के छात्र के पिता ने बताया कि रतन लुबाना, अमितोज सिंह उर्फ अमू और राजवीर सिंह उर्फ राजा फेसबुक से ही बच्चों के बारे में सारी जानकारी जुटाते थे।

पहले वे खुद स्टूडेंट्स को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते थे। बर्थडे अपडेट मिलते ही उसे बधाई देकर पार्टी के बारे में पूछते थे। बच्चा अगर आनाकानी करता था तो उसे धमकाते थे कि देख ले कल फिर जरूरत पड़ेगी। पार्टी में पहुंच कर वे खुद को दूसरे दोस्त का जनि बता देते थे और पेरेंट्स उन्हें मना नहीं कर पाते थे।

ट्यूशन व स्पोर्ट्स क्लास टारगेट
स्कूलों में स्टूडेंट्स को मोबाइल लेकर आने की अनुमति नहीं है। इसलिए बैड ब्वॉयज ट्यूशन क्लास, स्पोर्ट्स टाइम व म्यूजिक क्लास केदौरान संपर्क करते थे। इसके अलावा फास्ट फूड की मार्केट में भी उनके आने का इंतजार करते थे। रोजाना कोई न कोई मिल ही जाता था। उनके साथ खाते भी थे और पैसे भी ऐंठते थे।

अक्तूबर में रतन ने मांगी थी माफी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट एवं पीड़ित स्टूडेंट के पिता जसदीप सिंह तूर ने बताया कि उनके बेटे ने अक्तूबर में रतन लुबाना द्वारा तंग किए जाने के बारे में उन्हें बताया था। इस पर लुबाना का फोन आने पर उन्होंने खुद उससे बात की।

लुबाना ने कहा कि आपके बेटे की उसके दोस्त से बात करानी थी। जब पूछा की कहां है दोस्त बात करा तो बोला अब वो चला गया। इस पर तूर ने कहा कि अपने पेरेंट्स का नंबर दो मैं उनसे बात करूंगा, इस पर उसने सॉरी कहा और दोबारा फोन न करने की बात कही।

एक दिन बेटे ने बात करने की जिद्द की
तूर ने बताया कि वह 10 दिन के लिए बाहर था, एक दिन बेटे का फोन आया और वह कहने लगा कुछ जरूरी बात करनी है। मैंने उसकी मां से बात करने को कहा। जब वापस लौटा तो पता चला वह अपनी पॉकेट मनी से ढाई हजार रुपए लुबाना को दे चुका था।

प्रिंसिपल ने दिखाई हिम्मत
तूर ने बताया कि 15 जनवरी शाम को 6 बजे सेंट जोन की प्रिंसिपल कविता दास को इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने अगले ही दिन पेरेंट्स को बुलाकर बच्चों से बात की तो कईं बच्चों के शिकार होने का पता चला। इसकेबाद पुलिस को शिकायत दी गई।

प्रिंसिपल कविता दास का आभार जताया
इस मामले में कॉन्वेंट स्कूलों के साथ विवेक हाई स्कूल के बच्चे भी पीड़ित हैं। विवेक स्कूल-38 के चेयरमैन एचएस मामिक ने 15 से 20 दिन पहले पेरेंट्स से शिकायत मिलने की बात कही है। मगर कुछ ने शिकायत मिलने के बाद भी पुलिस को सूचना नहीं दी।

सेंट जोन स्कूल की प्रिंसिपल कविता दास द्वारा साहसिक कदम उठाए जाने पर शनिवार को र्कईं पेरेंट्स ने पहुंचकर उनका आभार जताया। जिन स्कूलों से जुड़ा यह मामला है वहां आईएएस, आईपीएस और अन्य अधिकारियों केबच्चे पढ़ते हैं। इसकेबाद भी ज्यादातर खुलकर सामने आकर लड़ने को तैयार नहीं है।
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इन नंबरों से आती थी कॉल

आप भी अपने लाडले की कॉल डिटेल निकलवाकर चैक कर सकते हैं, कहीं आपकेबच्चे को भी तीनों आरोपी कॉल या एसएमएस कर तंग तो नहीं करते थे।
रतन लुबाना--------9988809022
राजा---------------9888880488
अमू----------------9888657271

कोई गवाह नहीं पलटा : डीएसपी सतबीर
आपरेशन सेल डीएसपी सतबीर सिंह के अनुसार मामले में शामिल सभी स्टेटमेंट देने वाले गवाही को तैयार हैं। इस मामले में कोई भी स्टेटमेंट देने वाला परिजन गवाही के नाम पर मुकरा नही है। पुलिस के अनुसार मामला गोपनीय है और बच्चों से जुड़ा है। इसलिए, कानून और बच्चों की सेफ्टी को नजर में रखकर उनसे पूछताछ की गई है।

तीनों पर दर्ज धारा
पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों पर धारा 392 और 66 आईटी एक्ट दर्ज है।

आपीसी-392 के तहत कम से कम 10 साल की सजा का प्रावधान है। यह मामला दूसरों से बिल्कुल अलग है। इसमें बहुत से बच्चों के पीड़ित होने की बात सामने आ रही है। इसलिए मामला काफी संवेदनशील हो जाता है। इसमें जल्द जमानत होने के चांस कम हैं। 2 से ढाई महीने केबाद जमानत हो सकती है।
-एडवोकेट रविंद्र पंडित, जिला अदालत
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