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रिश्तों का कत्लः भतीजे ने ही करवाई चाचा की हत्या, यह वजह आई सामने, ड्राइवर को दिया था लालच

Wed, 27 Mar 2019 08:02 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बटाला (पंजाब)
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बटाला एसएसपी उपिंदरजीत सिंह घुम्मण बरामद हुए सामान के बारे में जानकारी देते हुए। - फोटो : अमर उजाला
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पैसों के लिए भतीजे ने अपने चाचा की हत्या करवा दी। इसका खुलासा बुधवार को बटाला के एसएसपी उपिंदरजीत सिंह घुम्मण ने किया। पुलिस ने आरोपी भतीजे और उसके ड्राइवर जिसने चाचा पर गोली चलाई थी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करके दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल देसी पिस्तौल और बाइक भी बरामद कर ली है। वारदात पांच मार्च को बटाला के शास्त्री नगर के पास हुई थी। मृतक चाचा नगर सुधार ट्रस्ट बटाला का पूर्व एसडीओ था। 

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एसएसपी उपिंदरजीत सिंह घुम्मण ने बताया कि पांच मार्च को शास्त्री नगर में दिनदहाड़े यहीं के निवासी पूर्व एसडीओ रणधीर सिंह को गोली मारकर एक नकाबपोश फरार हो गया था। रणधीर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। वारदात पास लगे सीसीटीवी में कैद हो गई थी। वारदात के बाद मृतक रणधीर की पत्नी के बयान पर शक के आधार पर दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। 

पुलिस हिरासत में दोनों आरोपी - फोटो : अमर उजाला
पूछताछ में उनसे पुलिस को कोई खास जानकारी हासिल नहीं हुई। मामला पेचीदा होता देख पुलिस ने एक विशेष जांच टीम बनाई। जांच टीम ने फुटेज को आधार बनाकर भतीजे हरमनदीप सिंह पर नजर रखनी शुरू कर दी। पुलिस जब अपने नतीजे पर पहुंची तो हरमनदीप सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। 

हरमनदीप सिंह ने यह कबूला कि उसने ही अपने चाचा रणधीर सिंह की हत्या करवाने के लिए ड्राइवर सुखजीत सिंह निवासी अलकंडे झंडे को कनाडा भेजने का लालच दिया। ड्राइवर सुखजीत ने उसके चाचा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने हरमनदीप सिंह की निशानदेही पर ड्राइवर सुखजीत सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया है। 
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एसएसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों से एक देसी पिस्तौल, दो कारतूस और एक बाइक बरामद की है जिसका इस्तेमाल वारदात को अंजाम देने के वक्त किया गया था। एसएसपी ने बताया कि कत्ल का कारण यह सामने निकलकर आया है कि चाचा रणधीर सिंह और भतीजे हरमनदीप सिंह ने एक कंपनी खोली थी। 

कंपनी में पैसों के लेन-देन का कारोबार करते थे। अब हरमनदीप ने कंपनी के कुछ पैसे निजी खाते में निजी काम के लिए डाल लिए थे। चाचा उन फंड को वापस करने के लिए कहता था जिसकी वजह से दोनों में नाराजगी हो गई। हरमनजीत सिंह ने बताया कि उसके चाचा ने बिजनेस चलाने के लिए उसे 40 लाख रुपये दिये थे। उसका कुछ पैसा डूब गया था इसलिए वह पैसे वापस नहीं कर रहा था। 
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