पुलिस हिरासत में दोनों आरोपी
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पूछताछ में उनसे पुलिस को कोई खास जानकारी हासिल नहीं हुई। मामला पेचीदा होता देख पुलिस ने एक विशेष जांच टीम बनाई। जांच टीम ने फुटेज को आधार बनाकर भतीजे हरमनदीप सिंह पर नजर रखनी शुरू कर दी। पुलिस जब अपने नतीजे पर पहुंची तो हरमनदीप सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
हरमनदीप सिंह ने यह कबूला कि उसने ही अपने चाचा रणधीर सिंह की हत्या करवाने के लिए ड्राइवर सुखजीत सिंह निवासी अलकंडे झंडे को कनाडा भेजने का लालच दिया। ड्राइवर सुखजीत ने उसके चाचा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने हरमनदीप सिंह की निशानदेही पर ड्राइवर सुखजीत सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया है।
एसएसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों से एक देसी पिस्तौल, दो कारतूस और एक बाइक बरामद की है जिसका इस्तेमाल वारदात को अंजाम देने के वक्त किया गया था। एसएसपी ने बताया कि कत्ल का कारण यह सामने निकलकर आया है कि चाचा रणधीर सिंह और भतीजे हरमनदीप सिंह ने एक कंपनी खोली थी।
कंपनी में पैसों के लेन-देन का कारोबार करते थे। अब हरमनदीप ने कंपनी के कुछ पैसे निजी खाते में निजी काम के लिए डाल लिए थे। चाचा उन फंड को वापस करने के लिए कहता था जिसकी वजह से दोनों में नाराजगी हो गई। हरमनजीत सिंह ने बताया कि उसके चाचा ने बिजनेस चलाने के लिए उसे 40 लाख रुपये दिये थे। उसका कुछ पैसा डूब गया था इसलिए वह पैसे वापस नहीं कर रहा था।