शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के कर्मचारी गुरमेज सिंह की हत्या का खुलासा पौने दो वर्ष बाद पुलिस ने कर दिया है। पुलिस के अनुसार एक आरोपी मृतक की बेटी से एकतरफा प्यार करता था। पुलिस ने मुख्य आरोपी जश्नप्रीत सिंह जश्न और रिवाल्वर मुहैया करवाने वाले अर्शदीप सिंह अर्श को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से .32 बोर का रिवाल्वर, पांच कारतूस बरामद किए गए है। दोनों को मंगलवार अदालत में पेश करके दो दिन का रिमांड लिया गया है।
एसएसपी ध्रुमन एच निंबाले ने बताया कि गांव जमालपुर निवासी गुरमेज सिंह (47) श्री दरबार साहिब (तरनतारन) में तैनात था। 25 जून, 2019 की रात को गुरमेज सिंह अपनी बुलेट मोटरसाइकिल पर जमालपुर से अलावलपुर स्थित अपनी बहन के घर दूध लेने जा रहा था। इसी दौरान गांव बचड़े के समीप गुरमेज सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
एसएसपी ध्रुमन एच निंबाले ने बताया कि डीएसपी (आई) कमलजीत सिंह औलख ने जब जांच की तो सामने आया कि गुरमेज सिंह की बेटी एक स्कूल में पढ़ती थी। इसी स्कूल का जश्नप्रीत सिंह उर्फ जश्न (निवासी गांव नूरदी) लड़की से एकतरफा प्यार करता था। इस बारे में पता चलने पर गुरमेज सिंह ने भांजे के साथ मिलकर जश्न की दो बार पिटाई की थी। इसका बदला लेने के लिए जश्न ने अपने दोस्त अमृतपाल सिंह निवासी गांव बचड़े व अर्शदीप सिंह अर्श के साथ मिलकर गुरमेज सिंह की हत्या की साजिश रची थी।