मुलाकात के बाद दोनों की आपस में बात होती रही। हैरानी की बात यह है कि लोगों की हर बात की जानकारी रखने वाले सीआईए मानसा के पूर्व प्रभारी प्रितपाल सिंह को पता नहीं था कि टीनू की प्रेमिका पुलिस मुलाजिम है। प्रितपाल सिंह के फोन की जांच हुई तो उसमें से मिले नंबर के बाद पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने टीनू की प्रेमिका का पता निकलवाया। इसके अलावा गैंगस्टर दीपक टीनू विदेश में बैठे और सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मास्टरमाइंड गोल्डी बराड़ के भी संपर्क में था।
टीनू ने जेल से ही पूरी प्लानिंग तैयार की थी कि उसे कैसे फरार होना है। सिद्धू मूसेवाला की हत्या के आरोपी गैंगस्टर दीपक टीनू को भगाने में तीन अन्य पुलिस मुलाजिमों की भूमिका सामने आ रही है। सूत्रों से पता चल रहा है कि टीनू को भगाने में दो हवलदार और एक कांस्टेबल की भी भूमिका संदिग्ध है।
टीनू के फरारी मामले में बनाई गई एसआईटी सभी मुलाजिमों के बैंक खातों को खंगाल रही है। बताया जा रहा है कि टीनू जब भागा उस समय करीब पांच हथियारबंद युवक भी उसके साथ थे। वो फॉर्च्यूनर कार में आए थे, जो एंडेवर के पीछे चल रही थी, जिसमें टीनू को उसकी प्रेमिका बैठाकर ले गई। उस समय गैंगस्टर टीनू के पास पिस्टल भी थी। पंजाब से बाहर निकलते ही वह अपनी प्रेमिका से अलग होकर दूसरी फॉर्च्यूनर कार में सवार हो गया था।