बीते माह खरड़ से पकड़े गए तीन आर्म्स तस्करों से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की पूछताछ में कई अहम जानकारियां निकल कर आई हैं।
एनसीबी के अधिकारी ने मोहाली में तीनों तस्करों से पूछताछ की थी। एनसीबी अधिकारियों का कहना है कि ये तस्कर हथियारों के साथ ड्रग्स की भी तस्करी करते थे और इनके तार चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला से भी जुड़े हैं।
एनसीबी से पहले यूटी पुलिस की क्राइम ब्रांच भी तस्करों से पूछताछ कर चुकी है। सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में यह बात सामने आई है कि शहर में हुई वारदातों में इस गिरोह से संबंध रखने वाले लोगों की भी संलिप्तता सामने आई है। यूटी पुलिस ने शहर में पिछले कुछ समय में हुए संगीन अपराधों के साथ-साथ अपराधियों का डाटा भी मोहाली पुलिस से साझा किया था।
एनसीबी को चंडीगढ़ के ड्रग्स तस्कर की तलाश
अफसरों के अनुसार, पूछताछ में सामने आया है कि इनके साथ ड्रग्स तस्करी में शहर के एक व्यक्ति के शामिल होने के संकेत मिले हैं। एनसीबी उस शख्स की तलाश कर रही है। हालांकि एनसीबी ने उस शख्स के बारे में ज्यादा बताने से इंकार कर दिया। लेकिन एनसीबी का कहना है कि शख्स शहर का रहने वाला है और तस्करी में इनका साथी है। उसके पकड़े जाने पर कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
आरोपी गुरजंट सिंह से पूछताछ में मिले तस्करी के लिंक
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल निदेशक कौस्तुभ शर्मा ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में आरोपी गुरजंट सिंह ने बताया कि वह पाकिस्तान के नासिर नामक व्यक्ति से नशीले पदार्थ लाकर पंजाब में तस्करी करते थे।
चार जनवरी को मोहाली पुलिस ने काबू किए थे तीन तस्कर
मोहाली पुलिस ने चार जनवरी को खरड़ से तरनतारन के रहने वाले तीन युवकों गुरजंट सिंह, तेजिंदर सिंह और संदीप सिंह को अवैध हथियारों के साथ पकड़ा था। आरोपियों से पुलिस ने चार पिस्टल, ब्राजीली माउजर, एक कार्बाइन, चीन की बनी डबल मैगजीन और 31 सिम कार्ड मिले थे। इनमें पाकिस्तानी सिम भी थे। जबकि इस गैंग का किंगपिन फिरोजपुर निवासी जयपाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।