पुलिस ने मरने वालों की पहचान खजाना गेट निवासी सुमित कुमार उर्फ मिक्की और बटाला के धर्मकोट गांव निवासी मंजीत कौर के रूप में बताई है। गंभीर घायल घनुपुर काले गांव निवासी रघुराजा है। मजीत कौर के पति की कुछ समय पहले मौत हो चुकी है।
सुमित का लाटरी और सब्जी का काम है। तीनों रात को एक ही एक्टिवा पर सवार होकर छेहरटा से भंडारी पुल की तरफ जा रहे थे कि खालसा पब्लिक स्कूल के बाहर अंधेरे में उनकी एक्टिवा बीआरटीएस की ग्रिल से जा टकराई।
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घटनास्थल पर बीआरटीएस के बस शैल्टर में गार्ड अजय कुमार मौजूद था। बताया जा रहा है कि घटना के बाद पुलिस ने उसे राउंडअप कर लिया था। बुधवार की सुबह उसने बताया कि रात को हादसे के दौरान काफी अंधेरा था और एक्टिवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटा थी। एक्टिवा अनियंत्रित होकर सीधे बीआरटीएस की ग्रिल से जा लगी।
महिला और सुमित की गर्दन सीधे ग्रिल से टकराने के बाद धड़ से अलग हो गईं। उसने ही घटनास्थल पर लोगों को एकत्र किया था। पुलिस कमिश्नर सुधांशु शेखर श्रीवास्तव से लेकर थाना प्रभारी सुखजिंदर सिंह उक्त मामले को हादसा ही बता रहे हैं।
पुलिस की कहानी पर उठ रहे सवाल
हादसे के बाद तीनों में से किसी एक की जेब से कोई शिनाख्ती दस्तावेज नहीं मिला है। एक्टिवा पर कोई नंबर नहीं था और न ही उसमें कोई दस्तावेज मिला, ताकि एक्टिवा के मालिक की शिनाख्त न हो सके। मरने वालों के कब्जे से कोई मोबाइल भी नहीं मिला।
ग्रिल से टकराने पर शरीर के अंग (हड्डियां टूट) पिचक सकती हैं। कट नहीं सकती। पुलिस अधिकारी फोरेंसिक जांच के बाद बता रहे हैं कि हादसे के दौरान दोनों के सिर काफी जोर से ग्रिल से हिट होने के बाद कटे हैं। पुलिस की यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है।
सजा काट चुका है सुमित
अमित कुमार ने बताया कि सुमित उर्फ मिक्की उनका भाई है। बुरी संगत में पड़ने के कारण पिता ने 10-12 साल पहले उसे बेदखल कर दिया था। अपनी हरकतों के कारण वह पांच साल की सजा भी काट चुका है। लंबे समय से वह अपने भाई से नहीं मिला। आज पुलिस से उसे सुमित की मौत की खबर मिली है। वह न तो रघु राजा को जानता है और न ही बटाला की मंजीत कौर को।