पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड में 12 वर्ष जेल काटने के बाद बरी हुए मोहाली के नवजोत सिंह ने सत्र न्यायालय में मुआवजे की मांग के साथ अपील दायर की।
इससे पहले नवजोत सिंह ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में अपील दायर की थी। वहां से अपील खारिज होने के बाद सत्र न्यायालय में अपील दायर की गई है।
पिछले दिनों मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 43 लाख रुपये की मुआवजे की मांग की याचिका को खारिज कर दिया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए ही उसने सत्र न्यायालय में अपील दायर की है। इस अपील पर बुधवार को सुनवाई होगी।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या में नवजोत सिंह को 30 जुलाई 2007 को बरी किया गया था, जबकि जगतार सिंह हवारा, गुरमीत सिंह और लखविंदर सिंह को सजा सुनाई गई थी।
बेअंत सिंह मामले के ट्रायल के दौरान कुछ गवाहों ने नवजोत को पहचाने से इनकार कर दिया था। बरी होने के बाद नवजोत ने भारत सरकार, चंडीगढ़ प्रशासन और सीबीआई को प्रतिवादी बनते हुए मजिस्ट्रेट कोर्ट में अपील दायर करते हुए मुआवजे की मांग की थी।
आरोप के अनुसार, सलाखों के पीछे रहने के दौरान उसे मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। इतने वर्ष बाद जेल से बाहर आने के पर इसका असर पड़ा है।