डीएवी महिला कॉलेज की बीकॉम की छात्रा ने बुधवार को ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर ली है। मामला हरियाणा के करनाल का है। छात्रा के पास से सुसाइड नोट मिला है।
इसमें साफ लिखा है कि मेरी जिंदगी पूरी हो गई है और मैं अपने आप जीना नहीं चाहती। मेरे घर वालों को कह देना कि ज्यादा याद न करें। मेरे बैग में आई कार्ड है और घर फोन कर देना। गुरुवार को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में छात्रा के शव का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंपा जाएगा। जीआरपी मामले में कार्रवाई कर रही है।
बुधवार दोपहर को घीड़ गांव वासी विशु कांबोज (20) सुसाइड नोट लिखकर शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन के आगे कूद गई। इससे उसकी टांग कट गई और गंभीर चोट लग गई। मेडिकल कालेज एवं अस्पताल से उसको पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई जाते वक्त रास्ते में छात्रा विशु ने दम तोड़ दिया।
पीजीआई जाते वक्त रास्ते में उसकी मौत
जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर मेडिकल कालेज में रखवा दिया है। फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चला है। अस्पताल में छात्रा के परिजन पहुंच गए हैं।
इस मामले में जीआरपी के प्रभारी अजय कुमार का कहना है कि छात्रा शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन के आगे कूद गई। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई और पीजीआई जाते वक्त रास्ते में उसकी मौत हो गई। गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम करवार शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।
ये लिखा सुसाइड नोट में: अस्पताल से सुसाइड नोट की मिली कॉपी में लिखा है कि मैं अपनी मर्जी से मर रही हूं, मुझे घर वालों ने कुछ नहीं कहा है, बस मैं अपने आप नहीं जीना चाहती। प्लीज, किसी का कोई कसूर न निकालना। मुझे खुद अपनी जिंदगी आगे नहीं जीनी। बस मेरा टाइम यहीं तक का होगा।
प्लीज, मैं सच्ची किसी के दबाव में नहीं मर रही। मेरे घर वालों को कह देना ज्यादा याद न करें। मेरे बैग में आई कार्ड है फोन कर देना घर, प्लीज।