इसके साथ ही उन्होंने बिट्टू थुराना गैंग जिसका मुखिया अब अजीत थुराना है। उस गैंग के गुर्गे थुराना निवासी अजीत, अंकित, खरड़ निवासी मन्नू, अमरजीत और बालसमंद निवासी संदीप पूनिया को भी मौत के घाट उतारना था। इसके साथ ही इन्होंने फरवरी माह में पुराना टैक्सी स्टैंड पर सूरजभान मर्डर केस में भी गवाह को मारने का प्लान बनाया था। अशोक व अमरजीत विनोद पान्नू व सज्जन गैंग से ही संबंध रखते हैं। विनोद पान्नू फिलहाल किसी मामले में करनाल जेल में बंद है और सज्जन फरीदाबाद जेल में बंद है।
जमानत के बाद से फरार था अशोक
अशोक हत्या के मामले में हिसार जेल में बंद था और करीब एक वर्ष पूर्व ही जेल से जमानत पर आया था। उसके बाद वह जेल वापस नहीं गया। वहीं अमरजीत भी वर्ष 2012-13 में एक हत्या के मामले में भिवानी जेल में 20 वर्ष की कैद काट रहा था और लॉकडाउन के दौरान कुछ दिन पूर्व ही पैरोल पर आया था। दोनों की मुलाकात जेल में ही हुई थी। इन वारदातों को अंजाम देने का प्लान बनाया। गुरुवार को इसी के चलते किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
इन मामलों में भी अशोक पर हुए थे केस
एसटीएफ इंचार्ज पवन कुमार ने बताया कि अशोक पर कुल 14 केस दर्ज हैं और अमरजीत पर एक केस दर्ज है। उन्होंने बताया कि अशोक पर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम रखा था। अशोक ने फरवरी माह में सिटी थाना एरिया के द फिटनेस जिम संचालक राजेश कुमार से साढ़े 6 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी।
नौ फरवरी को साथियों के साथ मिलकर पुराने टैक्सी स्टैंड पर सूरजभान उर्फ राजू सैनी की रंजिशन गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। वहीं 10 फरवरी को आजाद नगर निवासी सचिन से 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। वर्ष 2019 में बालसमंद निवासी सुभाष से मारपीट कर गंभीर घायल किया था।
एसटीएफ टीम इंचार्ज पवन कुमार ने बताया कि अशोक के खिलाफ राजस्थान के भिरानी थाना में वर्ष 2014 में डकैती का केस दर्ज हुआ था। वर्ष 2014 में ही हांसी के सदर थाना में हत्या का केस और आदमपुर थाना में भी हत्या के प्रयास व डकैती का केस दर्ज हुआ था।