लखनऊ में चौक थाना क्षेत्र के यहियागंज इलाके में 80 वर्षीय वीरमति की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उनका शव घर के आंगन में पड़ा मिला। परिजनों ने हत्या की आशंका जाहिर की है। पुलिस ने पौत्र को हिरासत में ले लिया है। प्रभारी निरीक्षक चौक विश्वजीत सिंह ने बताया, नारायणदास गली में रहने वाली वीरमति के पति राधेश्याम की 12 साल पहले मौत हो गई थी।
पति के पेंशन से उनका खर्चा चलता था। तीन बेटों में दो की पहले ही मौत हो चुकी है। एक प्रमोद गुप्ता अलीगंज में रहते हैं और एचएएल में नौकरी करते हैं। वीरमति के साथ उनके बेटे अशोक का बेटा अर्पित रहता है। वह नशे का आदी है।
वहीं बेटी रामादेवी पति संतोष के साथ रानीगंज नाका में रहती है। वीरमति के दामाद संतोष के मुताबिक, एक महीने पहले अर्पित ने अपनी दादी व पत्नी को बुरी तरह पीटा था जिसमें वह बीच-बचाव करने आए थे। उन पर भी चाकू से हमला किया। अर्पित की पत्नी मायके चली गई थी।
संदेह के आधार पर पौत्र अर्पित को लिया हिरासत में
संतोष के मुताबिक, देर शाम को पड़ोसियों ने सूचना दी कि वीरमति का शव आंगन में पड़ा है। गले में साड़ी लिपटी थी। मौके पर पहुंचे संतोष ने साले प्रमोद और पुलिस को सूचना दी।
प्रभारी निरीक्षक विश्वजीत सिंह के मुताबिक, बेटा अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहा था लेकिन दामाद संतोष ने आपत्ति जताई और हत्या की आशंका जाहिर करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की सिफारिश की।
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, काफी देर के बाद पौत्र अर्पित घर पहुंचा। वह नशे की हालत में था। पुलिस ने संदेह के आधार पर अर्पित को हिरासत में ले लिया।