डॉग बाइट के शिकार डेढ़ वर्षीय आयुष के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के दखल के बाद ममता को इंसाफ की उम्मीद जगी है। उनका कहना है कि हाईकोर्ट से उन्हें पूरी उम्मीद है और वे इस मामले में दोषियों के खिलाफ जरूर कार्रवाई करेंगे। उनका कहना है कि इसमें वह पीछे नहीं हटेंगे। आखिरी सांस तक अपने बच्चे को इंसाफ जरूर दिलवाएंगी। आयुष की मां ममता पिछले सात दिनों से अपने बच्चे की मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई पर अड़ी हैं।
उनका कहना है कि जब तक चंडीगढ़ प्रशासन या नगर निगम जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता, तब तक अपने बच्चे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगी। आयुष की लाश पिछले सात दिनों से सेक्टर-16 हॉस्पिटल की मोर्चरी में है। ममता की ओर से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में इस मामले में एक याचिका डाली गई थी, जिसे पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्वीकार कर चंडीगढ़ प्रशासन, नगर निगम व अन्य डिपार्टमेंट को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
एक्ट में सभी की जिम्मेदारियां तय हैं
संस्था वाइस आफ चंडीगढ़ के चेयरमैन अविनाश सिंह शर्मा ने बताया कि एनिमल बर्थ कंट्रोल डॉग एक्ट 2001 में स्पष्ट तौर पर सभी की जिम्मेदारियां तय है। एक्ट में नगर निगम कमिश्नर, मेयर, चीफ इंजीनियर पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट, एनिमल वेलफेयर डिपार्टमेंट, एसपीसीए के सदस्य व अन्य लोगों की जिम्मेदारी तय की गई है। इनका मुख्य रूप से काम कुत्तों को पकड़ने का निर्देश देना, शेल्टर का निर्माण, नसबंदी, वैक्सीनेशन, डाग बाइट केसों की स्टडी करना सहित कई काम हैं। इस दौरान उन्होंने घोटाले की आशंका जताई है। उनका कहना है कि चंडीगढ़ में कुत्तों की टैगिंग नहीं की गई है, जबकि नियम के मुताबिक टैगिंग जरूरी है। ऐसा न करना किसी घोटाले की आशंका को जाहिर करता है। हाईकोर्ट के वरिष्ठ एडवोकेट एपीएस शेरगिल ने बताया कि सुप्रीमकोर्ट के आदेश की आवमानना हुई है, इसलिए हाईकोर्ट में याचिका डाली गई है।
मेनका गांधी पर दर्ज हो मामला
आयुष की मौत के मामले में अखिल भारतीय राजीव मेमोरियल सोसायटी के अध्यक्ष राज नागपाल ने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि अदालत को स्वत: संज्ञान लेकर मेनका गांधी को अदालत में तलब करना चाहिए और उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने को कहा जाना चाहिए। मेनका गांधी के कारण ही कुत्तों को प्रश्रय मिला हुआ है और लोग दहशत में जी रहे हैं। उन्हें इंसानों से ज्यादा कुत्तों की फिक्र है।