एसएसपी मनीषा चौधरी की अगुवाई में डीएसपी मृदुल व एसएचओ ईरम रिजवी ने एक टीम बनाई। इसमें सब इंस्पेक्टर मंदीप सिंह, कांस्टेबल प्रवीण, कांस्टेबल उदम सिंह व लेडी कांस्टेबल मोनू को शामिल किया गया। पुलिस टीम ने वारदात स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले और आखिर में पुलिस को ऑटो का नंबर पता चल गया। इसके बाद पुलिस ऑटो मालिक तक पहुंची तो पता चला कि उसने अपना ऑटो रंजीत कुमार को किराये पर दिया है।
वह रंजीत सिंह से प्रतिदिन 300 रुपये किराया लेता है। पुलिस ने पूरी जानकारी हासिल करने के बाद आरोपी रंजीत को गिरफ्तार कर ऑटो को कब्जे में लिया। आरोपी शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। वह नशे का आदि है, जिसके चलते उसकी पत्नी सात साल पहले उसे छोड़ कर पंजाब चली गई थी। आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद अपने घर भी नहीं जा रहा था। वह काम खत्म करने के बाद हर रोज मोहाली चला जाता था और ऑटो में ही सो जाता था।