रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के हॉस्टलों में छात्रों के बीच मारपीट की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार को भी दिनदहाड़े करीब छह बाहरी छात्रों ने हॉस्टल में घुसकर फार्मेसी के छात्रों पर हमला कर दिया, जिसमें यूनिवर्सिटी के एबीवीपी प्रधान समेत तीन छात्र घायल हो गए। तीनों घायलों को पीजीआई में भर्ती कराया गया है, जिसमें से एक की हालत गंभीर है। घटना के पीछे आपसी रंजिश बताई जा रही है।
घटना हॉस्टल नंबर एक में दोपहर करीब एक बजे की है। फार्मेसी डिपार्टमेंट के कुछ छात्र अपने हॉस्टल में बैठे थे। इसी दौरान छह-सात बाहरी छात्र वहां पहुंचे और हॉस्टल में बैठे छात्रों पर हमला कर दिया। दिनदहाड़े हमला होने पर सभी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हमले में छात्र पवन, रॉकी और प्रवीण राणा गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रवीण राणा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के यूनिवर्सिटी प्रधान हैं।
सूचना मिलने पर यूनिवर्सिटी के सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक हमलावर भाग चुके थे। यूनिवर्सिटी के दूसरे छात्रों ने घायलों को उपचार के लिए पीजीआई में भर्ती कराया। बताया जा रहा कि पवन की हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना के पीछे छात्रों के बीच रंजिश बताई जा रही है। गौरतलब है कि इसी हॉस्टल में तीन दिन पूर्व भी मारपीट हुई थी। यूनिवर्सिटी अधिकारियों के मुताबिक, उस समय दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था।
अवैध तरीके से रह रहे हॉस्टलों में छात्र : मारपीट की घटना के बाद भले ही यूनिवर्सिटी प्रशासन बाहरी छात्रों का तर्क देकर पीछा छुड़ा रहा हो, लेकिन हमले में इसी हॉस्टल के दूसरे छात्र भी शामिल होना बताए जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो हॉस्टल में कुछ बाहरी युवक गलत तरीके से यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ रहते हैं, जो आए दिन शराब पीकर उत्पात मचाते हैं। आरोप है कि यही छात्र आपस में मारपीट कर हॉस्टल का माहौल खराब कर रहे हैं।
दिनदहाड़े हुई मारपीट, देखी किसी ने नहीं: हॉस्टल में दिनदहाड़े मारपीट हुई, लेकिन जिस समय यूनिवर्सिटी के सुरक्षा कर्मचारी मौके पर पहुंचे वहां न तो कोई आरोपी मिला और न ही कोई घायल। सुरक्षाकर्मियों ने घटना के बारे में दूसरे छात्रों से जानकारी लेनी चाही तो सभी ने साफ मना कर दिया कि हमें कुछ नहीं पता।
प्रो. अमर वर्मा, चीफ वार्डन एमडीयू ने बताया कि हॉस्टल में मारपीट की जानकारी मिली है, लेकिन छात्रों के घायल होने का अभी पता नहीं है। मारपीट में बाहरी छात्र शामिल रहे हैं, जो पास के ही एक कॉलेज के हैं। इसके लिए सुरक्षा कर्मचारियों को सख्त कर दिया गया।