इसी दौरान बिना नंबर की एक बाइक पर तीन युवक वहां पहुंचे। पहले तो उन्होंने बाइक ठीक करवाने और वाशिंग का बहाना बनाया। इस पर रामबीर को बिना नंबर की बाइक देख और उनकी बोली यूपी की होने पर शक हुआ। इस पर उसने एएसआई सुरेश को तुरंत मामले की जानकारी दी।
रामबीर ने बताया कि एएसआई सुरेश कुमार ने युवकों से बाइक के कागजात मांगे तो आरोपियों ने हड़बड़ा कर पिस्तौल से सुरेश कुमार पर फायर कर दिया। गोली लगने से सुरेश की मौके पर मौत हो गई। इस दौरान रामबीर ने जब हमलावरों का पीछा किया तो उस पर भी दो फायर किए, जिससे वह बच निकला। इसके बाद तीनों वहां से फरार हो गए।
सेशन जज के बाकी हत्यारे पुलिस नहीं गिरफ्तार कर रही
मृतक सेशन जज के भाई विजय कुमार का आरोप है कि उसके भाई की हत्या के मामले में अभी भी कई आरोपी गिरफ्तार नहीं किए गए हैं जबकि हत्या हुए एक वर्ष बीतने को है। उन्होंने बताया कि रामबीर के पास 4-5 लोग हमेशा होते हैं लेकिन रविवार को यहां सिर्फ एक या दो ही थे। इस पर हमलावरों ने मौका देखकर हमला करवाया।
यह था मामला
बड़ागांव में सेशन जज अध्यापक था और उसकी पत्नी गांव में सरपंच है। सरपंच बनने पर कुछ लोग उनसे रंजिश रख रहे थे। सेशन जज को कई बार जान से मारने की धमकियां मिली थीं। नौ जुलाई 2018 को सुबह करीब साढ़े आठ बजे सेशन जज जब स्कूल जा रहा था, उसी दौरान उसकी गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी।