अमृतसर में बेटी से छेड़छाड़ करने वालों का विरोध करने पर सरेआम एएसआई की हत्या करने के मामले में मुख्य दोषी रणजीत सिंह राणा व चार अन्य को फांसी की सजा देने के लिए पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है।
राणा की सजा बढ़ाने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी, लेकिन चार अन्य की सजा बढ़ाने की मांग ठुकरा दी गई है। जस्टिस एसएस सारों की डिवीजन बेंच ने सरकार की अपील पर राणा की उम्रकैद की सजा को बढ़ाकर फांसी की सजा में बदलने की मांग पर दायर अपील को सुनवाई के लिए एडमिट कर लिया है।
अब यह मामला सामान्य गति से सुनवाई के लिए आएगा। वर्ष 2013 में एएसआई रविंदरपाल सिंह की हत्या के मामले में अमृतसर जिला अदालत ने पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस फैसले के विरोध में सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर कहा है कि यह गंभीर मामला है। एक पुलिसवाले की सरेआम हत्या की गई है, लिहाजा दोषियों को फांसी की सजा सुनाई जानी चाहिए थी ताकि आम लोगों में सख्त संदेश जा सके।
सरेआम गोलियों से भून डाला था
उल्लेखनीय है कि अमृतसर में कुछ युवक दिनदहाड़े लड़की से छेड़छाड़ कर रहे थे। लड़की पंजाब पुलिस के एएसआई की बेटी थी। एएसआई ने छेड़छाड़ का विरोध किया था, लेकिन युवकों ने एएसआई को सरेआम गोलियों से भून डाला था।
यह मामला मीडिया में उजागर होने के बाद पुलिस कार्रवाई हुई थी और पांच युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था। इन्हें वहां की जिला अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन सरकार ने इस मामले को गंभीर बताते हुए सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है।