पठानकोट की 5-सिखलाइट इनफेंट्री ममून कैंट में तैनात अमलोह के गांव राईयेवाल के जसविंदर सिंह (22) ने शादी का प्रस्ताव टूटने से दुखी होकर आत्महत्या कर ली थी। आठ सितंबर सुबह करीब 8 बजे जसविंदर ने उस समय अपने सिर पर गोली मार ली थी जब उसके साथी सुबह की परेड में शामिल होने गए थे।
घटना का पता दोपहर करीब तीन बजे लगा था। गोली सिर से पार होकर पीछे की दीवार में जा लगी थी। सूचना मिलते ही जसविंदर के परिजन पठानकोट पहुंच गए थे। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार सुबह शव को वारिसों के हवाले कर दिया। जसविंदर सिंह का शव बुधवार सुबह गांव पहुंचेगा।
जसविंदर सिंह के दोस्त लक्खा के अनुसार जसविंदर की साल पहले ही फौज में नई भर्ती हुई थी और वह फौज में 6 महीने की ट्रेनिंग लेकर दो महीने की छुट्टी के लिए जुलाई-अगस्त को अपने घर आया हुआ था। जसविंदर सिंह को अपनी भाभी की बहन बहुत पसंद थी और उसने अपने घरवालों को भाभी के परिवार वालों के पास जाकर शादी का प्रस्ताव रखने को कहा था।
इसके लिए परिवार ने कुछ समय मांगा था, लेकिन लड़की वालों ने शादी के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इस कारण जसविंदर सिंह का अपने परिवार वालों से झगड़ा हो गया और वह फौज में वापस न जाने की जिद पर अड़ गया।
परिवार वाले तीन सितंबर को बड़ी मशक्कत से उसे मिलिट्री कैंप में छोड़कर आए थे। बाद में भी जसविंदर अपने शादी रचाने की जिद करता रहा और कोई हल न निकलता देख सोमवार को उसने अपने सिर में गोली मार ली। जसविंदर सिंह का पिता नाजर सिंह मजदूरी करता है और उसका छोटा भाई काला शादीशुदा है।