ड्रग तस्कर जगदीश भोला की असल जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। तीन साल पहले जब बनूड़ पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो उसने कई ऐसे राज उगले थे, जिससे पंजाब की सियासत में भूचाल आ गया।
वाद-विवाद का दौर चल पड़ा था। वहीं, विदेश में बैठे कई लोगों के नामों पर भी अंगुली उठी थी। अभी तक यह मामला अदालत में विचाराधीन है। दूसरी तरफ जगदीश भोला की संपत्ति के संबंध में मामले की जांच ईडी कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, 90 के दशक में भोला ने अपना करियर कुश्ती से शुरू किया था। धीरे-धीरे उसने कुश्ती के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बना ली। वह राष्ट्रीय स्तर का रेसलर बन गया। उसने भारत केसरी, भारत मल सम्राट, रुस्तमे हिंद, हिंद केसरी और विश्व खालसा केसरी जैसे कई खिताब हासिल किए। केंद्र सरकार ने उसे 1998 में अर्जुन अवार्ड दिया था।
इसके बाद पंजाब सरकार ने उसे पुलिस में डीएसपी के पद पर नियुक्त किया था। 1998 में गैर कानूनी गतिविधियों के कारण उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद वह नशे के कारोबार में सक्रिय हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे काबू किया था। उनके कई साथियों और उद्योगपतियों को भी गिरफ्तार किया था। उस समय पता चला था कि वह 700 करोड़ के अंतराराष्ट्रीय गिरोह का सरगना था।
जगदीश भोला फिल्मों में कर चुका है काम ड्रग तस्कर जगदीश भोला फिल्मी दुनिया का भी किगकांग था। रेसलिंग में मिली बुलंदियों ने उसे नशे के कारोबार से लेकर फिल्मी दुनिया के सुनहरे रास्ते दिखाए। वह इस राह पर भी चला। वहीं, कारोबार भी चलाता रहा। 2008 में बब्बी बेनिवाल की फिल्म रुस्तम-ए-हिंद में हीरो की भूमिका निभाई। फिल्म में उसके किरदार का नाम किंगकांग था।
विदेशी ट्रेनिंग से घर में तैयार करता था नशा भोला को चीन और वियतनाम से सिंथेटिक ड्रग बनाने की ट्रेनिंग ली थी। उसने फेज-10 स्िाित घर में आईस जैसी सिंथेटिक ड्रग बनानी शुरू कर दी थी। एक बार ड्रग तैयार करते समय 200 डिग्री से अधिक तापमान पहुंचने पर घर में धमाका हो गया था। जब पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो वह भाग गया था।
ईडी ने करोड़ों की संपत्ति ली कब्जे में ईडी भी इस मामले की जांच कर रही है। ईडी ने भोला की मोहाली, लुधियाना व फतेहगढ़ साहिब समेत कई जिलों में उसकी संपत्ति को अपने कब्जे में ले लिया है।