जिला अदालत के बख्शीखाने में तैनात एक कांस्टेबल ने बुधवार को दोपहर पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया। फोन पर कांस्टेबल ने यहां तैनात एएसआई द्वारा कैदी को परिजनों से मिलाने के लिए पैसे लेने की बात कही।
ऐसा पहली बार हुआ होगा कि एक कांस्टेबल ने एएसआई पर इस तरह का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस कंट्रोल रूम में इसकी सूचना पहुंचते ही उच्च अधिकारियों को इस बारे में जानकारी दी गई।
इसके बाद वहीं से फौरन जांच के लिए अधिकारी भेजे गए। आनन-फानन में संबंधित थाने से पुलिस अधिकारी और सेक्टर-43 चौकी इंचार्ज जिला अदालत के बख्शीखाने में पहुंचे।
यहां उन्होंने शिकायतकर्ता कांस्टेबल और एएसआई गुरनाम सिंह के बयान दर्ज किए। साथ ही जांच अधिकारी एसआई सर्वजीत सिंह ने मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए।
बख्शीखाने में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी कब्जे में ली गई है। इसमें कैदी के परिजन बख्शीखाने में कैदी से मुलाकात करते हुए नजर आ रहे हैं। परिजनों के जाने के बाद कैदी को एक महिला कुछ पैसे देते दिखाई दे रही है। वहीं बख्शीखाना इंचार्ज इंस्पेक्टर मलकीत छुट्टी पर हैं।
पहले सबूत जुटाए फिर की कॉल
सूत्रों के अनुसार कांस्टेबल ने एएसआई द्वारा कैदी के परिजनों से रुपये लेने की पहले खुद फोटो खींची। इसके बाद उसने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर शिकायत दी। कांस्टेबल ने यह फोटो जांच अधिकारी को सौंप दी है।
साथ ही उसके कहने पर ही जांच अधिकारी ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली। इसमें दोपहर एक से डेढ़ बजे के बीच एक कैदी से मिलने के लिए एक महिला और एक अन्य शख्स बख्शीखाने में आते हुए दिखाई दे रहे हैं।
थोड़ी देर मिलने के बाद दोनों चले जाते हैं, लेकिन चंद सेकंड बाद महिला वापस आती है और एएसआई के सामने ही कैदी को कुछ पैसे देती है। इसके बाद वह चली जाती है। वहीं कैदी अंदर के कमरे में जाता दिखाई दिया है।
नवदीप बराड़, एएसपी (साउथ) ने बताया कि शिकायत की जांच की जा रही है। एएसआई के खिलाफ आरोप सही पाए गए तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। तस्वीरों के अलावा सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।
बख्शीखाने में तैनात पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए गए हैं। फिलहाल पैसे लेने के पुख्ता सबूत नहीं मिल पाए हैं। लेकिन, यह बात जरूर सामने आई है कि एएसआई की मौजूदगी में बख्शीखाने में कैदी के परिजन आए थे।
जबकि, उन्हें अंदर प्रवेश करने नहीं देना चाहिए था। यह ड्यूटी में लापरवाही का मामला है। जांच की जा रही है कि कैदी को पैसे किस वजह से दिए गए। मामले की रिपोर्ट बनाकर एसएसपी को भेजी जाएगी।