रेल प्रशासन ने बारिश और बाढ़ के चलते जम्मूतवी-कटरा रेल सेक्शन और श्रीनगर में सभी ट्रेनें रद कर दी हैं। इसके अलावा पठानकोट से जोगिंदर नगर के बीच सात ट्रेनें चलती थी जिसमें से अब पांच ट्रेनें बंद कर दी गई हैं।
रेल डिवीजन फिरोजपुर के एडीआरएम महाबीर सिंह ने बताया कि श्रीनगर में 14 सिंतबर तक और जम्मू-कटरा के बीच दस सितंबर तक ट्रेनों की आवाजाही बंद है। ट्रैक सुधरने के बाद ट्रेनों की आवाजाही शुरू की जाएगी। सिंह ने कहा कि श्रीनगर में बाढ़ के कारण सभी ट्रेनें बंद हैं।
जानकारी के अनुसार बारिश और बाढ़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने ट्रेनों की आवाजाही बंद की हुई है। पठानकोट और जोगिंदर नगर तक ट्रेन नहीं चल रही। अधिकारियों का कहना है कि पठानकोट से ज्वालामुखी और जोगिंदर नगर से कांगड़ा तक ट्रेन चल रही है।
पठानकोट और जोगिंदर नगर के बीच रोजाना सात ट्रेनें अप-डाऊन थी जिसमें से अब दो ट्रेनें चल रही हैं। वह भी वहीं तक जहां तक ट्रैक सही है। सुबह सात बजे और दोपहर बारह बजे की ट्रेन चल रही है।
बाकी ट्रेनें बंद हैं। इसके अलावा जम्मू-कटरा सेक्शन के बीच जितनी भी ट्रेनें चलती थी, सभी बंद कर दी गई हैं। श्रीनगर में बाढ़ के कारण कोई भी ट्रेन बड़गांव से नहीं चलाई जा रही है।
पठानकोट रूट पर ट्रेनें बंद
भारी बरसात से आई बाढ़ के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सोमवार को श्रीगंगानगर-बठिंडा रेलवे ट्रैक के किनारे तक बाढ़ का पानी पहुंच गया, जिससे ट्रेनों की गति घटा दी गई है। रेलवे के कर्मचारी लगातार ट्रैक पर गश्त कर नजर रख रहे हैं।
अबोहर से बठिंडा की ओर फाटक नंबर 47-ए के पास ट्रैक के दोनों किनारों पर बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। रेलवे कर्मचारियों ने बोरियों में मिट्टी भरकर रेलवे लाइनों के किनारे लगाई है। लंबी हलके से छोड़े जा रहे बाढ़ के पानी से बल्लूआना में स्थिति और भयंकर होती जा रही है। अबोहर के सीतो रोड बाईपास पर पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। जिला उपायुक्त मंजीत सिंह ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क कर दिया है। बाढ़ की स्थिति पर पल-पल की रिपोर्ट लेने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।