पहले से दो बच्चों की मां से दुराचार के बाद तीसरा गर्भ ठहरने पर गर्भपात की मांग को लेकर दायर याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस आरके जैन की बेंच ने पीजीआई के डायरेक्टर को नोटिस जारी कर रिपोर्ट मांगी है।
कोर्ट ने पूछा कि क्या गर्भपात संभव है। चंडीगढ़ पीजीआई को यह रिपोर्ट एक अप्रैल तक देनी होगी। पीड़िता बठिंडा की रहने वाली है।
पीड़िता ने याचिका में कहा है कि जनवरी में उसका अपहरण कर दुराचार किया गया। इसकी जांच के बाद पता चला कि वह सात सप्ताह की गर्भवती है।
पीड़िता ने अदालत में याचिका दायर कर कहा है कि वह तीसरा बच्चा नहीं चाहती। बेंच ने पीजीआई से पूछा है कि गर्भपात हो सकता है या नहीं, क्योंकि 12 हफ्ते तक गर्भपात हो सकता है, लेकिन 12 से 20 हफ्ते के गर्भपात के लिए दो एक्सपर्ट की राय जरूरी होती है।