इसी बीच बेटी आरोपी मनजीत के चंगुल से निकलकर 11 दिसंबर को राजपुरा उनके पास आ गई। जब मनजीत को पता चला तो वह भी राजपुरा आ गया और चाकू की नोंक पर धमकाने लगा तो पड़ोसियों ने फौरन पुलिस को फोन कर दिया। इस पर आरोपी फरार हो गया।
इसके बाद बेटी को प्राइवेट स्कूल में बच्चों की देखभाल के लिए रखवा दिया। 18 दिसंबर को जब मेरी बेटी स्कूल पैदल जा रही थी तो आरोपी एक वैन से उतरा और गढ़वी में भरा तेजाब उस पर उड़ेल दिया। लेकिन गनीमत रही कि तेजाब चेहरे पर न गिरकर टांगों पर गिरा और वह बुरी तरह झुलस गई। जिसे उपचार के लिए सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया।
कस्तूरबा पुलिस चौकी प्रभारी बलजीत सिंह ने बताया कि सिविल अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल नाबालिग व उसकी मां के बयान दर्ज करके आरोपी मनजीत के खिलाफ तेजाब डालने के साथ अलग-अलग मामलों में केस दर्ज कर लिया है। जल्द आरोपी को काबू कर लिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट की पाबंदी के बावजूद इलाके के गांवों व शहरों में बिना लाइसेंस के तेजाब की बिक्री जोरों पर है। इसी का नतीजा है कि बुधवार सुबह स्कूल जा रही एक नाबालिग पर तेजाब से हमला हुआ। मगर यहां बिना लाइसेंस तेजाब की बिक्री जोरों पर है। तेजाब की बिक्री पर कंट्रोल के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इसका परिणाम यह है कि कोई भी किराने की दुकान से तेजाब की बोतल खरीद सकता है।
जिक्रयोग है कि सुप्रीम कोर्ट ने 29 सितंबर 2009 को देश में बढ़ रही तेजाब फेंकने की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए यह निर्देश दिए थे कि प्रदेश की सरकारें नीति निर्धारित कर व तेजाब लेने वाले की पहचान करने के बाद ही तेजाब दें। ताकि उसका गलत इस्तेमाल न हो सके। लेकिन कुछ दुकानदारों ने निर्देशों को ताक पर रखकर होलसेल व रिटेल में नमक वाले व गंधक वाले तेजाब की बिक्री कर रहे हैं।
कस्तूरबा पुलिस चौकी इंचार्ज बलजीत सिंह का कहना है कि वह उच्च अधिकारियों से बातचीत कर तेजाब की अवैध तौर पर बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाएंगे। इतना ही नहीं जिस आरोपी ने तेजाब की वारदात को अंजाम दिया है उसे गिरफ्तार कर कहां से वह तेजाब लेकर आया था, उसकी भी जांच कर कार्रवाई करेंगे। वहीं सेहत विभाग का कहना है कि सिविल सर्जन ऑफिस पटियाला से जब भी हमें लाइसेंस चेक करने व कार्रवाई के आदेश मिलेंगे, उसे पूरा किया जाएगा।