मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी)
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सड़क हादसे में एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत के मामले में दायर तीन क्लेम याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) के पीठासीन अधिकारी ने 43.12 लाख रुपये का मुआवजा मंजूर किया है। साथ ही इस पर क्लेम याचिका दायर करने से लेकर फैसला होने की तारीख तक 9 फीसदी की दर से ब्याज भी देने को कहा है। यह मुआवजा राशि आईसीआईसीआई लोम्बार्ड, वाहन मालिक राजवंत सिंह और विनोद धीमान निवासी शिमला को चुकाने के आदेश दिए गए हैं।
शिमला जाते समय सड़क हादसे में निजी बैंक में बतौर मैनेजर कार्यरत संदीप सिंह, उनकी बहन रितु सिंह और मां जसवीर कौर की मौत हो गई थी। ट्रिब्यूनल ने रितु सिंह की मौत पर इंश्योरेंस कंपनी को 16,45,000, संदीप सिंह की मौत पर 26,42,116 रुपये और जसवीर कौर की मौत पर 25 हजार रुपये मंजूर किए हैं। मृतक रितु सिंह के दादा-दादी सेक्टर-27डी निवासी करम सिंह (70) व उनकी पत्नी मोहिंद्र कौर ने यह तीनों क्लेम दायर किए थे।
जीप की टक्कर से हुआ था हादसा
2 जुलाई 2014 को संदीप और रितु मां जसवीर कौर के साथ कार से रामपुर बुशहर से शिमला जा रहे थे। सुबह करीब 11 बजे रास्ते में अचानक एक महिंद्रा यूटिलिटी जीप के ड्राइवर ने सामने से उनकी कार को टक्कर मार दी। जीप की टक्कर से कार खड्ड में जा गिरी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। संबंधित हादसे को लेकर ठियोग पुलिस स्टेशन में ड्राइवर राजवंत सिंह के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया गया था। हादसे के वक्त रितु सोलन की एक यूनिवर्सिटी से एग्रीकल्चर में एमएससी कर रही थी। याचिकाकर्ताओं के अनुसार उसकी कॉलेज कैंपस से नौकरी फाइनल हो चुकी थी। वहीं संदीप सिंह गुड़गांव में आईसीआईसीआई बैंक में बतौर मैनेजर था। वहीं उनकी मां जसवीर कौर पार्टनरशिप में रामपुर बुशहर में बिजली उपकरणों का बिजनेस करती थी।