रोल नंबर की जांच की गई तो पता चला कि अभ्यर्थी का असली नाम अभिषेक है। वह जतिन के नाम से एडमिट कार्ड लेकर आया था। कार्ड पर आरोपी ने फोटो भी अपनी लगा रखी थी। निरीक्षक ने आरोपी से सवाल किया तो वह ठीक से जवाब भी नहीं दे पाया। इसके बाद पुलिस को मौके पर बुलाया गया।
फाइलों में दबा रह गया फायरमैन भर्ती फर्जीवाड़े का मामला
नगर निगम की ओर से कुछ महीने पहले दमकल विभाग में फायरमैन पद पर भर्ती में भी फर्जीवाड़ा सामने आया था। इसमें सात लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। पकड़े गए अभ्यर्थियों ने रिमांड के दौरान खुलासा किया था कि फायरमैन की भर्ती के लिए उनसे पांच से आठ लाख रुपये में डील हुई थी। इसमें लिखित और शारीरिक दोनों परीक्षा पास कराने की बात हुई थी।
यह मामला सेक्टर-26 थाने से अपराध शाखा को ट्रांसफर हो गया था लेकिन केस ट्रांसफर होने के बाद अपराध शाखा एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। सेक्टर-26 थाना पुलिस ने फायरमैन की लिखित परीक्षा के दौरान की गई अभ्यर्थियों की फोटोग्राफी को कब्जे में लिया था। तस्वीरों से पता चला था कि पकड़े गए अभ्यर्थियों की शारीरिक परीक्षा ही नहीं बल्कि लिखित परीक्षा भी किसी और ने दी थी। इस मामले में एसएसपी क्राइम ब्रांच मनोज मीणा का कहना है कि पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। मुख्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।