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Chandigarh: पुलिस भर्ती में दूसरे की जगह परीक्षा देने पहुंचा युवक दबोचा गया, प्रवेश पत्र से हुआ खुलासा

Fri, 09 Sep 2022 11:36 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

रोल नंबर की जांच की गई तो पता चला कि अभ्यर्थी का असली नाम अभिषेक है। वह जतिन के नाम से एडमिट कार्ड लेकर आया था। कार्ड पर आरोपी ने फोटो भी अपनी लगा रखी थी। निरीक्षक ने आरोपी से सवाल किया तो वह ठीक से जवाब भी नहीं दे पाया। इसके बाद पुलिस को मौके पर बुलाया गया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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चंडीगढ़ पुलिस भर्ती परीक्षा में एक फर्जी अभ्यर्थी पकड़ा गया है। पुलिस ने प्रवेश पत्र से आरोपी की पहचान की। आरोपी अंबाला का रहने वाला 21 वर्षीय जतिन है। सेक्टर-26 थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पूछताछ के बाद आरोपी को पुलिस ने अदालत में पेश किया जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने असली अभ्यर्थी की तलाश शुरू कर दी है।

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सेक्टर-26 स्थित आरटीसी में सीडीआई के पद पर तैनात निरीक्षक दयाराम ने बताया कि पुलिस लाइन में चंडीगढ़ पुलिस के बैंड स्टाफ की भर्ती चल रही है। इसमें होल्डिंग एरिया में प्रभारी के पद पर उनकी ड्यूटी लगी थी। वह भर्ती बोर्ड की ओर से जारी सूची के साथ उम्मीदवारों के दस्तावेजों का मिलान कर वेरिफिकेशन काउंटर पर भेज रहे थे। उन्होंने दस्तावेज चेक कर उम्मीदवारों का ग्रुप बनाकर आगे भेज दिया। 

इस तरह पकड़ में आया आरोपी
आठ सितंबर को सीरियल नंबर 2701 से 3000 तक को सुबह आठ बजे स्किल टेस्ट के लिए पुलिस लाइन में बुलाया गया था। सुबह 10 बजे एक अभ्यर्थी आया और अपना नाम जतिन बताया। उसने अपना एडमिट कार्ड दिखाते हुए कहा कि उसका नंबर अभी तक नहीं आया है। निरीक्षक ने बोर्ड की ओर से जारी सूची में रोल नंबर देखा तो पता चला कि आठ सितंबर की सूची में उसका नाम नहीं है लेकिन अभ्यर्थी ने एडमिट कार्ड पर टेस्ट की तारीख आठ सितंबर दिखाई। इस पर निरीक्षक को शक हो गया। उन्होंने भर्ती बोर्ड की ओर से जारी पूरी सूची मंगवाई तो पता चला कि इस अभ्यर्थी का टेस्ट सात सितंबर को हो चुका है।

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रोल नंबर की जांच की गई तो पता चला कि अभ्यर्थी का असली नाम अभिषेक है। वह जतिन के नाम से एडमिट कार्ड लेकर आया था। कार्ड पर आरोपी ने फोटो भी अपनी लगा रखी थी। निरीक्षक ने आरोपी से सवाल किया तो वह ठीक से जवाब भी नहीं दे पाया। इसके बाद पुलिस को मौके पर बुलाया गया।

फाइलों में दबा रह गया फायरमैन भर्ती फर्जीवाड़े का मामला 
नगर निगम की ओर से कुछ महीने पहले दमकल विभाग में फायरमैन पद पर भर्ती में भी फर्जीवाड़ा सामने आया था। इसमें सात लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। पकड़े गए अभ्यर्थियों ने रिमांड के दौरान खुलासा किया था कि फायरमैन की भर्ती के लिए उनसे पांच से आठ लाख रुपये में डील हुई थी। इसमें लिखित और शारीरिक दोनों परीक्षा पास कराने की बात हुई थी। 

यह मामला सेक्टर-26 थाने से अपराध शाखा को ट्रांसफर हो गया था लेकिन केस ट्रांसफर होने के बाद अपराध शाखा एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। सेक्टर-26 थाना पुलिस ने फायरमैन की लिखित परीक्षा के दौरान की गई अभ्यर्थियों की फोटोग्राफी को कब्जे में लिया था। तस्वीरों से पता चला था कि पकड़े गए अभ्यर्थियों की शारीरिक परीक्षा ही नहीं बल्कि लिखित परीक्षा भी किसी और ने दी थी। इस मामले में एसएसपी क्राइम ब्रांच मनोज मीणा का कहना है कि पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। मुख्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। 
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